फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यदि एमए पास हैं तो हिमाचल में ये सरकारी नौकरी पक्की

Tue, 04 Oct 2016 11:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल सरकार के उद्योग विभाग ने कम पढ़े-लिखे बेरोजगारों के साथ भद्दा मजाक किया है। माली की नौकरी के लिए प्राइमरी पास से आवेदन मांगे हैं जबकि नंबर एमए और एमएससी के भी जोडे़ जाएंगे।
विज्ञापन


आरएंडपी रूल्स के तहत दसवीं पास को पांच, हायर सेकेंडरी पास को 10, बीए पास को 20 और एमए पास को 40 अंक मिलेंगे। उद्योग विभाग के सेरीकल्चर विंग में 30 बेलदार मालियों की भर्ती की जानी है।

सामान्य क्षेत्रों के उम्मीदवारों से 24 सितंबर और जनजातीय इलाकों के लिए नौ अक्तूबर तक आवेदन मांगे हैं। इनमें प्राइमरी, मिडल पास से लेकर एमए पढ़े-लिखे उम्मीदवारों के आवेदन भी शामिल हैं।
विज्ञापन

यहां जानिए भर्ती में किसे कितने अंक मिलेंगे

हिमाचल सरकार के पूर्व उद्योग निदेशक अमित कश्यप के हस्ताक्षर के साथ जारी विज्ञापन उद्योग विभाग की वेबसाइट पर भी है। युवाओं के साथ अन्याय को नजरअंदाज कर इन नियमों को बदलने की जरूरत ही महसूस नहीं की गई।

उम्मीदवारों का हिमाचली बोनाफाइड होना जरूरी है। आवेदन उद्योग विभाग के निदेशक को करना होगा। चयन का आधार पांचवीं पास नहीं होगा। इसके लिए दसवीं पास को अधिकतम पांच, हायर सेकेंडरी पास को 10, बीए या बीएससी पास को 20 और एमए या एमएससी पास को 40 अंक अधिकतम दिए जाएंगे।

संबधित पोस्ट पर सरकारी या अर्द्ध सरकारी इकाई में तैनात होने पर 10 नंबर, हिमाचल के रीति रिवाजों की जानकारी होने पर 5 और साक्षात्कार के 10 नंबर दिए जाएंगे। इससे साफ हो रहा है कि प्राइमरी पढ़े-लिखे को इस भर्ती में अधिक तरजीह नहीं मिलेगी। कुल अंक 100 होंगे।
विज्ञापन

3000 आए आवेदन, कमा लिए लाखों

माली के लिए अब तक तीन हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। सामान्य श्रेणी के आवेदक से 200 रुपये और आरक्षित वर्गों से 100 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। ऐसे में विभाग बेरोजगारों से लाखों रुपये की कमाई कर चुका है।  

यूके दौरे पर नए उद्योग निदेशक, अतिरिक्त निदेशक का नो कमेंट
अपनी ज्वाइनिंग देने के बाद हिमाचल सरकार के उद्योग विभाग के नए निदेशक राजेश शर्मा यूके के दौरे पर हैं। वे इससे पूर्व विशेष सचिव वित्त थे। वे विशेष सचिव वित्त की हैसियत से ही विदेश गए हैं।

दूसरी ओर अतिरिक्त निदेशक अनुपम कश्यप ने किसी टिप्पणी से इंकार किया। पूर्व उद्योग निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि आरएंडपी रूल्स सालों पुराने हैं। इन्हें बदलने के लिए पहले ही सरकार को लिखा जा चुका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें