परिवहन निगम ने सोमवार को पहले से ही ड्राइविंग टेस्ट में पास किए ड्राइवरों को दोबारा से टेस्ट के लिए बुला दिया। भर्ती के लिए आए चालकों ने दो- दो बार टेस्ट देने से इंकार कर इंटरव्यू का बहिष्कार कर दिया। गुस्साए युवाओं ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर डाली। माहौल तनावपूर्ण होता देख पुलिस के अलावा क्यूआरटी को मौके पर बुलाना पड़ा।
युवाओं ने एचआरटीसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहली बार लिए गए टेस्ट में 430 ड्राइवरों को पास किया था और टेस्ट के बाद कहा था कि घर पर कॉल लेटर आ जाएगा, लेकिन सिर्फ 229 ड्राइवरों को कॉल लेटर आया और उनकी ट्रेनिंग कर उन्हें नौकरी पर भी रख दिया।
बाकी के 201 ड्राइवरों को फोन पर मेसेज दिया कि बारह दिसंबर को बस चालकों के इंटरव्यू के लिए शिमला के तारादेवी में रखे गए हैं। भर्ती के लिए आए सभी ड्राइवरों ने एचआरटीसी प्रशासन और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर धरना- प्रदर्शन दिया। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मौके पर क्यूआरटी भेजी और माहौल को सामान्य किया।
दूसरी बार नहीं देंगे युवा टेस्ट, इंटरव्यू
बैजनाथ से आए राजीव कुमार ने बताया कि इंटरव्यू पास किया है उसके बाद फाइनल टेस्ट के लिए शिमला तारादेवी बुुलाया वह भी पास किया उसके बाद पर्सनल भी दिया। उसके बाद हमें यह बोल दिया कि आपको कॉल लेटर आ जाएगा। दो महीने तक कॉल लेटर का इंतजार किया लेकिन निगम की ओर से कुछ नहीं आया।
इसके बाद पता चला कि 430 ड्राइवरों ने टेस्ट पास किया था, उसमें से 229 ड्राइवरों को निगम ने चालक के रूप में भर्ती कर दिया और ट्रेनिंग के बाद उन्हें डिपो में बसें चलाने के लिए भेज दिया है। बाकी बचे 201 ड्राइवर कॉल लेटर का इंतजार करते रहे। तीस नवंबर कोे फोन पर मेसेज आया कि टेस्ट के लिए बारह तारीख को तारादेवी आओ और इंटरव्यू दो।
मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा एचआरटीसी
अपने बेटे के साथ बैजनाथ से आए 65 साल के सेना से सेवानिवृत्त व्यक्ति ने कहा कि परिवहन निगम ने टेस्ट के लिए बुलाया। मैंने ऐसा पहली बार देखा है कि एक बार आपने कोई परीक्षा पास कर ली है उसे आपको फिर से देना पड़े। निगम बार- बार टेस्ट के लिए बुला कर इन ड्राइवरों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। टेस्ट में कोई भी फेल या पास हो सकता है यदि टेस्ट करने ही है तो सब ड्राइवरों को दुबारा बुलाया जाए।
एचआरटीसी इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा : ठाकुर
हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि पूरे इंटरव्यू में पास हुए सभी ड्राइवरों को दोबारा टेस्ट के लिए बुलाना परिवहन निगम की बदनियती है। सब लोगों ने एकता का परिचय देकर इंटरव्यू का बहिष्कार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है कि 430 ड्राइवर पास हुए जिसमें से 229 ड्राइवरों को ट्रेनिंग देकर नौकरी दे दी गई बाकी जो 201 ड्राइवर बचे उन्हें दोबारा बुलाया गया है।