प्रधान सचिव संजय कुंडू (फाइल फोटो)
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शीतकालीन सत्र के दौरान गर्माए विपक्ष और कुछ अपने आतुर नेताओं को साधने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की डिनर डिप्लोमेसी पर हल्ला हो गया है। हालांकि, विवाद होने की भनक लगते ही समय रहते मुख्यमंत्री ने संभावित सियासी स्थिति संभाल ली। हुआ यूं कि सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों के पास एक निमंत्रण पत्र पहुंचा।
निमंत्रण पत्र पर 12 दिसंबर शाम 7 बजे धर्मशाला स्थित होटल डी पोलो में डिनर का आमंत्रण था। कार्ड पर निमंत्रण देने वाले का नाम प्रधान सचिव संजय कुंडू लिखा था। निमंत्रण पत्र पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू का नाम पढ़कर कांग्रेस विधायक तिलमिला गए। नेता प्रतिपक्ष के साथ सलाह मशविरा कर सभी कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री के रात्रि भोज में न जाने का निर्णय लिया।
विपक्ष की नाराजगी की बुधवार शाम को मुख्यमंत्री को भनक लग गई। डिनर डिप्लोमेसी विवादित न हो, मुख्यमंत्री ने रातोंरात नए निमंत्रण पत्र बनवा लिए जो वीरवार सुबह ही कांग्रेस और भाजपा विधायकों तक पहुंचाए गए। नए निमंत्रण पत्र पर निवेदक का नाम बदलकर मुख्यमंत्री लिखा गया। निमंत्रण पत्र पर मुख्यमंत्री का नाम होने पर कुछ कांग्रेस विधायकों ने डिनर पर जाने का निर्णय लिया।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सहित कई कांग्रेस विधायक वीरवार शाम 7 बजे मुख्यमंत्री की डिनर डिप्लोमेसी का हिस्सा बने। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र पर संजय कुंडू का नाम होने से कई भाजपा विधायक भी नाराज थे।