कांगड़ा के देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) खोलने पर नया पेंच सामने आया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पौंग डैम वन्य जीव विहार व रामसर वेटलैंड के पास केंद्रीय विवि के लिए स्थान चयन करने के मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और वन विभाग को नोटिस जारी कर 23 फरवरी तक जवाब मांगा है।
एडवोकेट अनिल कुमार की ओर से दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यह आदेश पारित किया है। याचिका में कहा गया है कि देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए जिस स्थान का चयन किया है, वो वन्यजीव विहार से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है। रामसर वेटलैंड इसके पास है।
काटने पड़ेंगे 27 हजार पेड़
याचिकाकर्ता के अनुसार देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए चयनित स्थान पर निर्माण से 27 हजार से अधिक पेड़ काटने पड़ेंगे। इससे प्रकृति को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचेगा वन्यजीव विहार के पास 37 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण कार्य किया जाएगा, जिससे वन्यजीवों पर प्रभाव पड़ेगा।
वन्यजीव विहार के 10 किलोमीटर की परिधि में निर्माण से पहले केंद्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमति लेनी जरूरी होती है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। याची ने ग्रीन ट्रिब्यूनल से अनुरोध किया है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए उपयुक्त भूमि चयन करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिया जाए। साथ ही देहरा में निर्माण पर रोक लगाई जाए।
धर्मशाला और देहरा पर है विवाद
पिछले माह ही हिमाचल मंत्रिमंडल ने देहरा के बजाय धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए मंजूरी दी है। इसको लेकर विवाद खड़ा हुआ है। सरकार के फैसले का भाजपा विरोध कर रही है। भाजपा चाहती है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के बजाय देहरा में खोला जाए।
प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2010 में देहरा पर ही अपनी स्वीकृति दी थी, लेकिन अब प्रदेश की कांग्रेस सरकार इसे धर्मशाला में बनाना चाहती हैं। इस बारे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को पत्र लिख चुके हैं। गौर हो कि केंद्रीय विश्वविद्यालय को भाजपा और कांग्रेस में कई बार नोकझोंक भी हो चुकी है।