कार्र्यक्रम रद्द होने पर मचा घमासान
मनोनीत पार्षद ने कांग्रेस समर्थित और पूर्व पार्षद पर लगाया प्रोजेक्ट अटकाने का आरोप
कांग्रेेस पार्षद बोले, गुमराह कर रहे मनोनीत पार्षद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के शांति विहार में पार्किंग प्रोजेक्ट पर विवाद के चलते इसका शिलान्यास रद्द होने पर सियासी घमासान मच गया है। शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के हाथों इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास होना था लेकिन पार्किंग की जमीन पर विवाद होने के कारण ऐन मौके पर इसे रद्द कर दिया गया।
जमीन मालिक द्वारा पार्किंग के लिए दर्शाई जा रही जमीन को अपना बताया था। अब वार्ड से भाजपा के मनोनीत पार्षद और कांग्रेस पार्षद आमने सामने आ गए हैं। मनोनीत पार्षद राजेंद्र चौहान के अनुसार स्मार्ट सिटी मिशन के 1.46 करोड़ रुपये की लागत से यह पार्किंग कांप्लेक्स बनना है। इसमें वार्ड दफ्तर, जेई कार्यालय भी बनना है। बाकायदा इसका टेंडर अवार्ड हो चुका है। आरोप लगाया कि वार्ड से कांग्रेस पार्षद और पूर्व पार्षद समेत कांग्रेस के कुछ नेताओं ने विवाद खड़ा कर इस प्रोजेक्ट को रुकवा दिया। कहा कि इससे वार्ड को नुकसान होगा और अब इसका पैसा तक लैप्स हो सकता है। कहा कि जो जमीन मालिक पार्किंग प्रोजेक्ट की जमीन को अपना बता रहा है, उसकी डिमार्केशन हो चुकी है। लेकिन कांग्रेसी नेताओं के उकसावे में आकर उसने विवाद खड़ा कर दिया। कहा कि जिस जमीन पर पार्किंग बननी है, उस पर कोई स्टे नहीं लगा है।
बेवजह विवाद में घसीट
रहे मनोनीत पार्षद : कांग्रेस
कांग्रेस पार्षद शारदा चौहान और पूर्व पार्षद महेंद्र चौहान ने कहा कि मनोनीत पार्षद राजेेंद्र चौहान वार्ड की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनका इस विवाद से कोई लेना देना नहीं है। यह विवाद जमीन को लेकर है और जमीन मालिक ने इस पर स्टे लिया है। यदि मनोनीत पार्षद ने उन्हें इस मामले में घसीटा तो उन पर मानहानि का केस करेंगे। कांग्रेस पार्षद का कहना है कि मनोनीत पार्षद वार्ड के हर काम पर राजनीति करते हैं। वार्ड के गेट पर कभी कमल के फूल लगाते हैं तो सरकारी भवन पर अपना होर्डिंग टांग देते हैं।