विश्व प्रसिद्ध मिंजर मेले में इस बार व्यंजन परोसने में पारंपरिक पत्तल और स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल होगा। मेले के दौरान अस्थायी तौर पर लगने वाले खाने के स्टालों में थर्मोकोल से बनी डिस्पोजेबल प्लेट, गिलास और चमकीली प्लेटों पर प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने इस फैसले को सख्ती से लागू करने की तैयारी भी कर ली है। मिंजर मेले के दौरान अधिकारिक रूप से आठ दिनों तक मिंजर मेला चलता है। ऐतिहासिक मेले में शामिल होने के लिए हिमाचल समेत आस पड़ोस के राज्य व अन्य इलाकों से बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचते हैं।
मेले में खरीदारी करने, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाने के अलावा यहां परोसे जाने वाले खास व्यंजन भी आकर्षित करते हैं। बीते वर्ष तक मेले के दौरान डिस्पोजेबल बर्तनों में खाने के व्यंजन परोसे जाते थे।
तहबाजारी कमेटी अध्यक्ष दिप्ती मंढ़ोत्रा ने बताया कि मेले के दौरान अस्थायी दुकानों में थर्मोकोल निर्मित डिस्पोजेबल बर्तनों और चमकीली प्लेटों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
दुकानदार केवल पारंपरिक पत्तल और स्टील के बर्तनों में ही खाने की वस्तुएं परोस सकेंगे। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मिंजर मेले के दौरान खाने के स्टॉल लगाने के लिए राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और जिला से दुकानदार आते हैं।