दरअसल, मंत्री रमेश ध्वाला ने सवाल किया कि 70 साल की आयु पूरी कर चुके कितने लोगों ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया है? उन्होंने यह भी पूछा कि कितने लोगों के आवेदन लंबित पडे़ हैं?
इसके बाद ध्वाला खुद ही मंत्री का यह जवाब भी पढ़ने लग गए कि 70 साल की आयु पूरी कर चुके 40,359 लोगों ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया है। 17,981 लोगों को सरकार की नीति के अनुसार पेंशन दी जा चुकी है। 22,378 मामले लंबित पडे़ हैं।
ध्वाला बोले - मैं यह पूछना चाहता हूं कि पेंशन लगाने का क्राइटेरिया क्या है? क्या पंचायतों की आम सभाओं में भी इन मामलों के प्रस्ताव जा रहे हैं? इस पर मंत्री सरवीण ने कहा कि पंचायतों के माध्यम से प्रस्ताव भेजने का कोई प्रावधान नहीं है। सीनियोरिटी के आधार पर ही पेंशन लगाई जा रही है।
जयराम ठाकुर सरकार के पास पैसे की कमी नहीं : महेंद्र सिंह
सीएम जयराम ठाकुर की गैर हाजिरी में सदन में उनका कामकाज देख रहे आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जयराम सरकार ने 70 साल की उम्र के बाद सभी बुजुर्गोें को बगैर आय सीमा तय करके पेंशन देने का निर्णय लिया है। पैसों की कोई कमी नहीं है। प्रक्रिया में समय लग जाता है।
ध्वाला के सवाल पर नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अनुपूरक सवाल किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 80 साल की उम्र थी। इस सरकार ने इसे 70 साल किया है।
22 हजार आवेदन लंबित पडे़ हैं। कोई क्राइटेरिया तय है क्या? इस पर स्पीकर अगले सवाल के लिए कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर को कहने लगे तो सुक्खू के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री खडे़ हो गए।
मुकेश बोले - अभी जवाब नहीं आया। इस पर विपक्ष के सदस्य हंगामा मचाते रहे। दोनों पक्षों की नोकझोंक के बीच वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा।