हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती में चार प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लागू कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी की। नई व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय में समूह एक, दो, तीन और चार के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में रिक्तियों का चार प्रतिशत हिस्सा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेगा।
आरक्षण का विभाजन अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता के आधार पर किया गया है। इसमें दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित, चलने-फिरने से संबंधित दिव्यांगता, मानसिक या बौद्धिक अक्षमता तथा एक से अधिक दिव्यांगता वाले अभ्यर्थी शामिल होंगे। अधिसूचना के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे पदों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, जिन पर दिव्यांग अभ्यर्थी कार्य कर सकते हैं। इसके लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा।
सूची की होगी समीक्षा : पदों की सूची की समीक्षा होती रहेगी। साथ ही हर वर्ष दिव्यांग कर्मचारियों की स्थिति का विवरण विभाग को भेजा जाएगा। 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र रखने वाले अभ्यर्थी ही आरक्षण का लाभ ले सकेंगे। अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट होगी। दिव्यांग अनारक्षित पदों पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे, यदि वे चयन प्रक्रिया में सफल होते हैं।
एसपीयू : स्नातक परीक्षाएं मार्च के अंतिम सप्ताह से
सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक की वार्षिक परीक्षाएं मार्च के अंतिम सप्ताह से शुरू होंगी और अप्रैल तक चलेंगी। विश्वविद्यालय ने परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए 31 मुख्य परीक्षा केंद्र बनाए हैं।
परीक्षा केंद्रों में चंबा काॅलेज, एससीवीबी कॉलेज पालमपुर, गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला, ढलियारा, जीएडी कॉलेज नूरपुर, बंजार, गाड़ागुसैणी, जेएलएन कॉलेज हरिपुर-मनाली, कुल्लू और सैंज कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा गवर्नमेंट कॉलेज कुकुमसेरी (लाहौल-स्पीति), गवर्नमेंट कॉलेज बासा, गवर्नमेंट कॉलेज बलद्वाड़ा, गवर्नमेंट कॉलेज द्रंग, गवर्नमेंट कॉलेज धर्मपुर मंडी, आरजीएम गवर्नमेंट कॉलेज जोगिंद्रनगर, गवर्नमेंट कॉलेज लडभड़ोल, गवर्नमेंट कॉलेज करसोग, वल्लभ गवर्नमेंट कॉलेज मंडी और गवर्नमेंट कॉलेज निहरी को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है।