निदेशालय पर उद्योग विभाग का समग्र प्रशासनिक नियंत्रण बना रहेगा
निदेशक निदेशालय के कामकाज पर प्रशासनिक नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अधीक्षण का अधिकार रखेंगे। हालांकि, निदेशालय पर उद्योग विभाग का समग्र प्रशासनिक नियंत्रण बना रहेगा। निदेशालय के सुचारू कामकाज के लिए उद्योग विभाग से मौजूदा स्वीकृत पदों को भी स्थानांतरित किया गया है। इनमें एक संयुक्त निदेशक, एक सहायक नियंत्रक (वित्त और लेखा) और एक अधीक्षक, ग्रेड-एक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एक वरिष्ठ सहायक, तीन कनिष्ठ कार्यालय सहायक (सूचना प्रौद्योगिकी) और एक चपरासी का पद भी स्थानांतरित किया गया है। निदेशालय को आउटसोर्स आधार पर चार मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त करने की भी अनुमति दी गई है।
निदेशक को मिलेंगी नई शक्तियां
नवगठित निदेशालय की जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन के लिए आवश्यक वैधानिक नियमों में संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों के माध्यम से खान निदेशक को आवश्यक शक्तियां और कार्य प्रदान किए जाएंगे। यह कदम निदेशालय को अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सक्षम बनाएगा। इससे खनन क्षेत्र के प्रबंधन में अधिक दक्षता आएगी।
प्रशासनिक ढांचे में बदलाव
यह निर्णय राज्य में खनन गतिविधियों के बेहतर विनियमन और प्रबंधन के लिए लिया गया है। एक अलग निदेशालय के गठन से इस क्षेत्र पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा। उद्योग विभाग के मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत के आदेश से यह अधिसूचना जारी की गई है। यह प्रशासनिक बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा।