प्रदेश की 5,078 उचित मूल्य की दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल्स मशीनें और एंड्रायड आधारित डिवाइस भी स्थापित कर दिए गए हैं। सरकार ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए थोक दुकानों, आटा चक्की और उचित मूल्यों की दुकानों के नियमित तौर पर निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।
हिमाचल में 19.08 लाख राशन कार्डों के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा हो गया है। अब फर्जी और दोहरे राशन कार्ड जल्द पकड़ में आएंगे। प्रदेश की 5,078 उचित मूल्य की दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल्स मशीनें और एंड्रायड आधारित डिवाइस भी स्थापित कर दिए गए हैं। सरकार ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए थोक दुकानों, आटा चक्की और उचित मूल्यों की दुकानों के नियमित तौर पर निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल में राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के 117 थोक गोदामों का एक मजबूत नेटवर्क है। 5,078 उचित मूल्य की दुकानों में से 3,285 सहकारी क्षेत्र, 19 उचित मूल्य की दुकानें पंचायतों, 65 एचपीएससीएससी लिमिटेड, 1685 उचित मूल्य की दुकानें व्यक्तिगत रूप और उचित मूल्य की 24 दुकानें महिला मंडलों/स्वयं सहायता समूहों की ओर से संचालित की जा रही हैं।
प्रणाली में दक्षता बढ़ाने और पारदर्शिता लाने के लिए खाद्य वितरण प्रबंधन प्रणाली के डिजिटलीकरण और स्वचालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में दक्षता और पारदर्शिता में सुधार के लिए एंड-टू-एंड कंप्यूटरीकरण लागू कर रहा है। प्रदेश में एपीएल, बीपीएल अंत्योदय अन्न योजना, अन्नपूर्णा योजना के तहत कार्ड धारकों को आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया जा रहा है। पूरे राज्य में सभी उचित मूल्य की दुकानों पर सभी राशन कार्ड धारकों को आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन डी युक्त खाद्य तेल भी वितरित किया जा रहा है।