वर्तमान में डिजिटल क्रांति चित्रकारों के लिए खतरा बनती जा रही है। प्रसिद्ध चित्रकार मोहम्मद आजम ने बताया कि वे पीढ़ियों से पेंटिंग कर रहे हैं। लेकिन अब बच्चों में प्रोफेशनल पेंटिंग का शौक धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है।
चित्रकारों की ओर से बनाए जा रहे भारतीय संस्कृति के चित्रों को कॉपी किया जा रहा है। हालांकि पौराणिक चित्रकला लुप्त होती जा रही है, लेकिन हमारी पेंटिंग कॉपी की जाती है, जिसे हम सकारात्मक रूप में लेते हैं। कैसे भी सही, हमारी कला जिंदा तो है।
हालांकि, किसी भी पेंटिंग को दुनिया का कोई भी चित्रकार हुबहू कॉपी पेस्ट नहीं कर सकता है। सरकार की ओर से भी कोई प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पास तीन ऐसी पेंटिंग हैं, जो दिल्ली म्यूजिम में स्थापित होनी थीं।
लेकिन अभी तक म्यूजियम का ही निर्माण नहीं हुआ। कला की कद्र करने वाले बहुत कम है, इसका एक मुख्य कारण डिजिटल भी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अकबर दरबार में दीपक राग, नौ रत्न व बसन्ती दरबार जैसी कई तस्वीर बनाई हैं।
पेंटर मोहम्मद आजम ने सिख गुरु तेग बहादुर की 200 वर्ष पुरानी पेंटिंग सहेजकर रखी हुई है। उन्होंने बताया कि विश्व में इतनी पुरानी केवल तीन तस्वीरें हैं, जिसमें एक यह है। यह पेंटिंग उनके परदादा ने बनाई है।