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डिजिटल अरेस्ट मामला: 10 लाख निकालने के लिए 150 बार एटीएम का इस्तेमाल, सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से हुई थी ठगी

Sun, 07 Sep 2025 10:55 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

साइबर पुलिस की जांच में सामने आया है कि धोखाधड़ी करने वाले गिरोह ने बैंक खातों से 10 लाख रुपये निकालने के लिए करीब 150 बार एटीएम इस्तेमाल किए।
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digital arrest - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 88.50 लाख ठगने के मामले में पुलिस जांच में कई नए खुलासे हुए हैं। साइबर पुलिस की जांच में सामने आया है कि धोखाधड़ी करने वाले गिरोह ने बैंक खातों से 10 लाख रुपये निकालने के लिए करीब 150 बार एटीएम इस्तेमाल किए। इसके अलावा चेक के जरिये 78.50 लाख रुपये निकाले। पुलिस जांच के अनुसार धोखाधड़ी का नेटवर्क बेहद प्रोफेशनल तरीके से काम कर रहा था। आरोपियों ने वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रिटायर अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट किया और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए साइबर पुलिस ने बैंकों को नोटिस जारी कर मामले से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही पीड़ित बैंक अधिकारी की कॉल रिकॉर्ड, व्हट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जब्त कर लिए गए हैं। 

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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को इसे लेकर आदेश जारी हो सकते हैं। साइबर पुलिस का मानना है कि इस मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय है, जिसके तार विदेश तक जुड़ सकते हैं। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी बनकर शिमला के एक सेवानिवृत बैंक अधिकारी को झांसे में लेकर 88.50 लाख रुपये की चपत लगा दी। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिये खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया और आधार कार्ड के दुरुपयोग का हवाला देकर उन्हें डराया धमकाया। इतना ही नहीं, ठगों ने वीडियो कॉल पर कथित ऑनलाइन को विश्वास दिलाया कि वह गंभीर अपराध में फंसा हुआ है। 
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