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बर्फबारी से दुश्वारियां: रापे गांव में कई फुट बर्फ के बीच तीन और छितकुल में डेढ़ किलोमीटर तक बनाया रास्ता

Tue, 05 Mar 2024 01:02 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, किन्नौर/केलांग

सार

प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, पांगी, लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के बाद दुश्वारियां बढ़ गई हैं। 
 
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लोगों ने कई फीट बर्फ में खुद बनाया रास्ता। - फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, पांगी, लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के बाद दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में तीन दिनों तक लगातार हुई भारी बर्फबारी से जनजीवन अभी भी अस्त-व्यस्त है।  एक से दूसरे गांव तक पहुंचना काफी मुश्किलों भरा है।  इस बीच सोमवार को जोबरंग पंचायत के रापे गांव के लोगों ने खुद बेलचा उठाया और बर्फ के बीच आवाजाही के लिए पैदल रास्ता बनाया। ग्रामीणों ने रापे गांव से मुख्य सड़क तक तीन फुट बर्फ में तीन किलोमीटर तक पैदल रास्ते को ठीक करवाया। गौर रहे कि लाहौल के कई गांवों के पैदल रास्ते अभी भी बर्फ से बंद हैं। इससे विशेषकर स्कूल के बच्चों को परेशानी हो रही है। बर्फ के बीच कई किमी बर्फ में रास्ता खोलकर विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों तक पहुंच रहे हैं।

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किन्नौर के छितकुल गांव में चार फुट बर्फ में डेढ़ किलोमीटर तक बनाया रास्ता
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर में भारी बर्फबारी के पांच दिन बीत जाने के बाद भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है। तिब्बत सीमा से सटे छितकुल गांव में चार फुट बर्फबारी होने से स्कूल जाने के लिए रास्ता बंद हो गया। ऐसे में स्कूल के शिक्षकों, पीटीए सदस्य और गांव के युवाओं ने डेढ़ किलोमीटर तक चार फुट बर्फ में स्कूल जाने के लिए रास्ता बनाया है ताकि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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