सुन्नी काली घाटी और मायपुल में हुआ गणपति विसर्जन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ विघ्नहर्ता को विदाई दी गई। इस अवसर पर शहर के मिडल और गंज बाजार में सजे पंडालों से शोभायात्रा निकाली गई।
बैंड बाजे और भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालु गणपति की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले गए। गंज बाजार से गणपति की प्रतिमा को मायपुल और मिडल बाजार से सुन्नी की कालीघाटी ले जाकर विधि-विधान के साथ विसर्जित किया गया। शहर में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति विसर्जन किया गया। इस मौके पर मिडल बाजार में सुबह 9:00 बजे हवन किया गया। इसके बाद महाआरती की और गणपति को लड्डू तथा मोदक का भोग लगाया गया। हवन और महाआरती के बाद श्रद्धालु गणपति की प्रतिमा समेत 108 अन्य मूर्तियों को लेकर दोपहर 12:00 बजे विसर्जन के लिए रवाना हुए।
इस दौरान शहर के बाजार से भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें सैकड़ों महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गाजे-बाजे और भजन-कीर्तन के बीच भक्तों ने बप्पा की पालकी को वाहन में विराजमान किया। शोभायात्रा शाम 5:50 बजे सुन्नी की काली घाटी पहुंची, जहां शाम 6:10 बजे विधि-विधान के साथ गणपति विसर्जन किया गया। श्री सिद्धि विनायक सेवा मंडल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को मिडल बाजार में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सुबह विशेष पूजा, हवन और महाआरती की गई। इसके बाद बप्पा को भोग लगाकर सैंज मायपुल के लिए विदा किया गया। शाम 5:00 बजे गणपति की प्रतिमा का विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया।