पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने एचपी यूनिवर्सिटी में हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर करारा हमला किया है। धूमल ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति से हुआ व्यवहार निंदनीय है।
मगर छात्रों को जिस तरह दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया वह और भी निंदनीय है। धूमल ने कहा कि सरकार ने जिस हिंसा को रोकने के लिए छात्र संघ के चुनावों पर रोक लगाई है, स्वयं उसी हिंसा पर उतारू हो गई है।
पूर्व सीएम ने कहा कि शिक्षा, छात्र और प्रदेश हित के लिए सरकार जल्द इसका समाधान करे। सरकार और छात्रों से आग्रह किया कि छात्र आंदोलन पर सख्ती, शक्ति का प्रयोग न करें और जल्द मुद्दे का समाधान किया जाए।
प्रधानों को फंसा रही सरकार
धूमल ने कहा कि वीरभद्र सरकार पंचायत प्रधानों को झूठे आरोपों में फंसाकर निलंबित कर रही है। जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, प्रदेश में टकराव का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि झूठे मामलों में फंसाकर पंचायत प्रधानों को निलंबित किया जा रहा है।
पंचायती राज संस्थाओं की शक्तियों पर अंकुश लगाकर सरकार संविधान के 73वें संशोधन की खिल्ली उड़ा रही है। धूमल ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति गंभीर है। शिक्षा पर दिए जाने वाले अनुदान में कटौती की जा रही है।