कालका से सुबह करीब 9:00 बजे रवाना हुआ कोच और दोपहर 1:35 बजे शिमला पहुंचा
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स्पीड, ब्रेक, इलेक्ट्रिसिटी और तापमान की हुई जांच संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर तीन बोगी वाले डीजल हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन सेट (डीएचएमयू कोच) का शनिवार को बर्फ के बीच में ट्रायल किया गया। यह ट्रेन सेट कालका से शिमला तक करीब छह घंटे में पहुंचा।
डीएचएमयू कालका रेलवे स्टेशन से सुबह करीब 9:00 बजे शिमला के लिए रवाना हुआ और दोपहर करीब 1:35 बजे शिमला पहुंचा। इस दौरान ट्रेन धर्मपुर और सोलन में रुकी। इसके बाद शिमला की चढ़ाई में बर्फ के बीच ट्रेन सेट को चलाया और खामियों का पता लगाया गया। इस दौरान मुख्य रूप से बर्फ के बीच में डीएचएमयू कोच की स्पीड, ब्रेक, इलेक्ट्रिसिटी और तापमान की हुई जांच। इसके बाद शाम करीब 4:10 बजे शिमला से वापस कालका के लिए कोच रवाना हो गया। रेलवे सूत्रों के अनुसार अभी कुछ दिन इसी प्रकार ट्रायल जारी रहेंगे। इन दिनाें कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर छह ट्रेनों को संचालन किया जा रहा है। वहीं बर्फबारी के बाद सभी ट्रेनें पैक होकर शिमला पहुंच रही हैं।
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शिमला और समरहिल रेलवे स्टेशन पर शनिवार को सैलानियों ने ट्रेन से उतरकर बर्फ के बीच में जमकर मस्ती की और फोटो खिंचवाई। वीकेंड पर दो छुट्टियों का पैकेज बनने के चलते बाहरी राज्यों से सैलानियों रेल मार्ग के माध्यम से शिमला पहुंच रहे हैं। 31 जनवरी तक सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है।
इंग्लैंड से बर्फ देखने शिमला पहुंचा समूह बर्फ देखने के लिए इंग्लैंड से सैलानियों का समूह टॉय ट्रेन से शनिवार को शिमला पहुंचा है। इस दौरान विदेशी सैलानी शिमला स्टेशन पर उतरकर काफी उत्साहित दिखे। सैलानियों ने उतरते ही फोटो खींची और वीडियो बनाने शुरू कर दिए। सैलानियों ने बताया कि बर्फ के बीच में शिमला तक उनका सफर यादगार बन गया। यहां से वापस भी टॉय ट्रेन के माध्यम से ही जाएंगे।