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धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने पर मुहर, राजधानी शिमला भी रेस में

Wed, 25 May 2016 10:54 AM IST
ब्यूरो/एजेंसी/अमर उजाला, नई दिल्ली/धर्मशाला/शिमला
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चुने गए 13 शहरों में 30,229 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
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केंद्र सरकार ने हिमाचल के धर्मशाला, लखनऊ, फरीदाबाद और चंडीगढ़ समेत 13 शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया है। इन शहरों का चुनाव ‘फास्ट ट्रैक कंप्टीशन’ के आधार पर किया गया। इसमें लखनऊ टॉप पर जबकि धर्मशाला तीसरे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता के लिए चयनित 100 शहरों में जगह नहीं बना सकने वाली राजधानी शिमला अन्य शहरों के साथ अगले चरण की स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल हो सकेगी।
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केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने मंगलवार को बताया कि जनवरी में आयोजित पहले चरण की प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाए 23 राज्यों के 23 शहरों के बीच यह प्रतियोगिता करवाई गई। ये सभी शहर अपने-अपने राज्यों में शीर्ष पर थे। नई सूची में रायपुर, न्यू टाउन कोलकाता, भागलपुर, पणजी, पोर्ट ब्लेयर, इंफाल, रांची, वारंगल और अगरतला को भी जगह मिली है।  नायडू ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ‘फास्ट ट्रैक कंप्टीशन’ के तहत चुने गए 13 शहरों में 30,229 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

इस तरह पूर्व में घोषित 20 शहरों के मिलाकर 33 शहरों में कुल 80,789 करोड़ रुपये का निवेश होगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के लिए चयनित 100 शहरों में जगह नहीं बना सकने वाले सात राजधानी शहरों शिमला (हिमाचल प्रदेश), पटना (बिहार), नया रायपुर (छत्तीसगढ़), ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश), अमरावती (आंध्र प्रदेश), बंगलूरू (कर्नाटक) और तिरुवनंतपुरम (केरल) अन्य शहरों के साथ अगले चरण की प्रतियोगिता में शामिल हो सकेंगे।
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स्मार्ट सिटी मिशन के तहत उत्तर प्रदेश से मेरठ या रायबरेली और जम्मू-कश्मीर से जम्मू या कश्मीर में से एक-एक शहर का चुनाव किया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मंगलवार को चयनित 13 शहरों में से चार छत्तीसगढ़, गोवा, झारखंड और हरियाणा से हैं, जो भाजपा शासित हैं। दो शहर हिमाचल प्रदेश और मणिपुर के हैं जो कांग्रेस शासित हैं।

उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार है तो बिहार, जहां से भागलपुर का चुनाव हुआ है, में जदयू की सरकार है। तेलंगाना में टीआरएस की सरकार है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस तो त्रिपुरा में माकपा सत्ता में है। इसके अलावा प्रतियोगिता में विफल रहने वाले 23 में से 10 शहर अगले चरण की प्रतियोगिता में शामिल हो सकेंगे।

ये 13 शहर होंगे स्मार्ट
लखनऊ, फरीदाबाद, धर्मशाला, चंडीगढ़, वारंगल, रायपुर, न्यू टाउन कोलकाता, भागलपुर, पणजी, पोर्ट ब्लेयर, इंफाल, रांची, अगरतला

धर्मशाला शहर को मिले 25 अंक ज्यादा

धर्मशाला शहर को पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव की अपेक्षा इस बार 25 अंक ज्यादा मिले हैं। - फोटो : फाइल फोटो
धर्मशाला शहर को पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव की अपेक्षा इस बार 25 अंक ज्यादा मिले हैं। पहली किस्त के रूप में 200 करोड़ रुपये मिलेंगे। अगले माह जून से धर्मशाला शहर को प्रोजेक्ट के तहत पैसा मिलना शुरू हो जाएगा। हिमाचल विशेष श्रेणी राज्य होने के चलते केंद्र 90: 10 के अनुपात से वित्तीय सहायता देगा।

स्मार्ट सिटी के रूप में धर्मशाला को तोहफे
1. शहर में 11 मल्टीस्टोरी पार्किगिं बनेंगी
2. विभिन्न स्थानों पर 10 पजल पार्किगिं
3. बड़ी बैठकों के लिए कन्वेंशन सेंटर
4. पैराग्लाइडिंग, माउंटेनरिंग ट्रेनिंग सेंटर
5. आसपास में कई ट्री हाउस खोले जाएंगे
6. शहर में 35 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी
7. 89 किमी क्षेत्र में राहगीरों के लिए फुटपाथ
8. मैकलोडगंज, कोतवाली बाजार और कचहरी अड्डा बाजारों का आउटर लुक अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बदला जाएगा
9. नगर निगम के हर वार्ड में चलेंगी मिनी बसें
10. नगर निगम क्षेत्र को 24 घंटे पानी-बिजली
11. हर घर जोड़ा जाएगा सीवरेज सिस्टम से
12. दफ्तरों का सारा काम ई गर्वनेंस से होगा
13. शहर में घर, अन्य भवन भूकंपरोधी बनेंगे
14. नक्शों में घरों के डिजाइन को कॉमन लुक पर जोर
15. शहर की हर गली बदलेगी कंकरीट रोड में

अंतत: हमारी मेहनत रंग लाई। स्मार्ट सिटी के लिए चुने गए 13 नए शहरों में धर्मशाला तीसरे नंबर पर रहा है। कैपिटल कोटे में शिमला को भी स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया गया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू से शिमला को स्मार्ट सिटी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था। -सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री

देहरादून को नहीं मिला मौका

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश भर में 2019-20 तक 100 शहरों को स्मार्ट बनाया जाना है।
फास्ट ट्रैक कंप्टीशन में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून समेत 10 शहर टॉप लिस्ट में शामिल नहीं हो सके। 17 वीं रैंक पाने के साथ देहरादून प्रतियोगिता से बाहर हो गया। अब अगले चरण में होने वाली प्रतियोगिता में शामिल होने का इसे मौका मिलेगा। जून के आखिर तक राज्य से दोबारा प्रस्ताव भेजना होगा।

2019-20 तक 100 शहर होंगे स्मार्ट
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश भर में 2019-20 तक 100 शहरों को स्मार्ट बनाया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार अगले पांच साल में 48 हजार करोड़ रुपये तक की सहायता देगी। वर्ष 2015-16 के लिए 20 शहरों का चयन हो चुका है। मंगलवार को चयनित 13 शहरों सहित 40 शहरों का चयन 2016-17 के लिए किया जाएगा। बाकी के 40 शहरों का चुनाव अगले वित्त वर्ष में होगा।

दूर हुईं क्षेत्रीय विसंगतियां
केंद्र सरकार ने इस नई लिस्ट से क्षेत्रीय विसंगतियां दूर करने की कोशिश की है। इससे मिशन का दायरा उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों तक फैल गया है।

दरअसल, जनवरी में केंद्र सरकार ने जिन 20 शहरों के नाम का ऐलान किया था उसमें क्षेत्रीय विसंगति साफ दिखी थी। हालांकि नायडू का उस वक्त दावा था कि शहरों का चयन प्रतियोगिता के आधार पर किया गया है। इसमें किसी तरह का सियासी दखल नहीं है।

शिमला: स्मार्ट सिटी की उम्‍मीद को फिर लगे पंख

राजधानी शिमला
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘स्मार्ट सिटी’ की सूची में एक बार फिर राजधानी शिमला का नाम जुड़ गया है। स्मार्ट सिटी के लिए अब नगर निगम प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र को अपना प्लान भेजेगा। स्मार्ट सिटी के चयन के लिए होने वाली प्रतियोगिता में शिमला शामिल होगा।

स्मार्ट सिटी को लेकर पिछली सूची अगस्त 2015 में जारी हुई थी। इस सूची में राजधानी शिमला को जगह नहीं दी गई थी। जिसके बाद नगर निगम शिमला ने न्यायालय में अपना विरोध दर्ज करवाया था। इससे पूर्व देश के 20 शहरों को स्मार्ट सिटी के लिए चयनित किया जा चुका है।

इस साल के आखिर तक 40 और शहरों को योजना में चुना जाना है। अगस्त 2015 में जारी की गई सूची में धर्मशाला का नाम शामिल था जबकि राजधानी शिमला को सूची से बाहर कर दिया गया था। हालांकि 24 शहरों की राजधानियां सूची में शामिल की गई थीं। केंद्र सरकार ने एलान किया था कि अगले दो वित्त वर्षों के दौरान शेष 40-40 प्रस्तावित स्मार्ट शहरों का चयन किया जाएगा।

शिमला शहर को सूची से बाहर करने के लिए नगर निगम ने प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। आरोप लगाया गया था कि स्मार्ट सिटी चयन में राजनीति हुई है और इसके लिए बनी कमेटी की बैठक में सदस्य होने के बावजूद उन्हें नहीं बुलाया गया।

कैसे होता है स्मार्ट सिटी के लिए शहर का चयन
स्मार्ट सिटी के लिए शहर का चयन दो चरणों में होता है। पहले चरण में राज्य सरकार पात्र शहरों का नाम केंद्र सरकार को भेजती है। इसके बाद शहर में मौजूद बुनियादी सुविधाओं के आधार पर शहर का मुकाबला अन्य शहरों के साथ किया जाता है।

500 करोड़ केंद्र देगा, 500 राज्य को देना होगा
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहरों में विकास के लिए पहले चरण में केंद्र सरकार शहर को 500 करोड़ की वित्तीय मदद देगी। संबंधित राज्य को भी अपने हिस्से के 500 करोड़ देने होंगे। अगर शिमला और धर्मशाला को स्मार्ट सिटी योजना के तहत केंद्र से एक हजार करोड़ की वित्तीय मदद मिलती है तो प्रदेश सरकार को भी अपने हिस्से के एक हजार करोड़ देने होंगे।
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नगर निगम ने स्कोर कार्ड पर उठाए थे सवाल

टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम
नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के लिए प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र को भेजे गए स्कोर कार्ड पर सवाल उठाए थे। उन्हाेंने कहा था कि आनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम के लिए धर्मशाला को 5 अंक, ई- न्यूज लेटर के लिए 5 अंक, बजट एवं व्यय का आनलाइन ब्यौरे के लिए 5 अंक, आंतरिक आय स्रोतों के लिए 10 अंक, जेएनएनयूआरएम रिफार्म के लिए 10 अंक और

जेएनएनयूआरएम प्रोजेक्ट कंपलीशन के लिए दिए गए 10 अंकों सहित कुछ अन्य मदों में दिए गए अंक सरासर गलत हैं। स्कोर कार्ड में शिमला को 85 और धर्मशाला को 87.5 अंक दिए गए हैं। हकीकत में धर्मशाला 24.5 अंकों का हकदार है। धर्मशाला को 63 अंक गलत तरीके से दिए गए हैं।

स्मार्ट सिटी बनने पर शिमला को मिलेंगी यह सुविधाएं
पानी की पर्याप्त आपूर्ति, बिजली, सफाई व्यवस्था, वेस्ट मैनेजमेंट, बेहतर परिवहन व्यवस्था, स्वच्छ पर्यावरण, सस्ते घर, आईटी कनेक्टिविटी, डिजिटाइजेशन, ई.गवर्नेंस, शिक्षा व स्वास्थ्य की बढ़िया व्यवस्था।

जब सरकार ने रिजेक्ट किया, तो हमने लिया स्टेंड
शिमला को स्मार्ट सिटी के लिए नामित करने को लेकर प्रदेश सरकार ने तो साफ इनकार कर दिया था, शिमला के लोगों के हित में नगर निगम ने स्टेंड लिया। उसी का परिणाम है कि आज शिमला फिर स्मार्ट सिटी की दौड़ में है। केंद्र सरकार को प्लान भेज कर शहर के विकास के लिए शिमला को स्मार्ट सिटी में शामिल करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। -टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम
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