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धर्मशाला छात्रा मौत मामला: जांच में जातिसूचक आलोचना, रैगिंग का नहीं मिला सुराग, यौन शोषण के एंगल की जांच जारी

Wed, 28 Jan 2026 07:10 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में अतिरिक्त निदेशक की अध्यक्षता में गठित जांच टीम को कॉलेज स्तर पर जाति सूचक आलोचनात्मक टिप्पणी और रैगिंग के आरोपों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। पढ़ें पूरी खबर...
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राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने शिक्षा सचिव राकेश कंवर को विभागीय जांच रिपोर्ट सौंप दी है। अतिरिक्त निदेशक की अध्यक्षता में गठित जांच टीम को कॉलेज स्तर पर जाति सूचक आलोचनात्मक टिप्पणी और रैगिंग के आरोपों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। यौन शोषण के एंगल पर पड़ताल अभी जारी है। छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष आने के बाद इस पहलू पर विचार किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से भेजी गई पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने धर्मशाला कॉलेज में शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक स्टाफ से अलग-अलग बातचीत की है। टीम ने रिकॉर्ड खंगाले, उपस्थिति रजिस्टर, आंतरिक शिकायत तंत्र और पूर्व शिकायतों की भी पड़ताल की।

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धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की मौत के मामले ने उच्च शिक्षा निदेशालय ने जांच करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। अतिरिक्त निदेशक डॉ. हरीश कुमार की अध्यक्षता में कमेटी गठित में सरकारी कॉलेज ढलियारा की प्रिंसिपल डॉ. अंजू आर चौहान, बैजनाथ के प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप कुमार कौंडल और नौरा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार को सदस्य बनाया गया। अधीक्षक ग्रेड-टू राकेश वर्मा ने भी जांच में सहयोग किया। शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट सचिव को सौंप दी है। आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार का निलंबन फिलहाल बरकरार है। उन्हें शिक्षा निदेशालय में नियमित रिपोर्ट करना पड़ रहा है और बिना अनुमति शिमला से बाहर जाने पर रोक है।

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क्या है पूरा मामला?
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज की एक 19 वर्षीय दलित छात्रा की 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना (पंजाब) के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से पहले वह लंबे समय से मानसिक तनाव, डिप्रेशन और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी। 

परिजनों ने आरोप लगाया कि 18 सितंबर 2025 को तीन सीनियर छात्राओं ने रैगिंग, मारपीट और धमकियां दीं। कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल विभाग) पर यौन उत्पीड़न (अश्लील हरकतें, गलत तरीके से छूना, छाती की तरफ इशारा) का आरोप लगा। वहीं, मौत से पहले छात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने प्रोफेसर पर 'पीछे पड़ जाते थे, अजीब हरकतें' और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए। 
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