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धर्मशाला: नोरजिन डोलमा बोलीं- दलाई लामा के पुनर्जन्म में चीन की दखलअंदाजी अनुचित

Tue, 04 Nov 2025 10:36 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।

सार

बैठक की शुरुआत केंद्रीय तिब्बती प्रशासन पर आधारित एक परिचयात्मक वीडियो प्रस्तुति से हुई। नोरजिन डोलमा ने प्रतिनिधिमंडल को तिब्बत की वर्तमान स्थिति और सीटीए की मध्य मार्ग नीति के बारे में जानकारी दी। 
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तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के सूचना एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग की मंत्री नोरजिन डोलमा ने सोमवार को गैंगचेन क्यिशोंग स्थित लख्पा सेरिंग हॉल में ताइवान से आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। बैठक की शुरुआत केंद्रीय तिब्बती प्रशासन पर आधारित एक परिचयात्मक वीडियो प्रस्तुति से हुई। नोरजिन डोलमा ने प्रतिनिधिमंडल को तिब्बत की वर्तमान स्थिति और सीटीए की मध्य मार्ग नीति के बारे में जानकारी दी।

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उन्होंने बताया कि यह नीति चीन के संविधान के ढांचे के भीतर तिब्बत के लिए वास्तविक स्वायत्तता प्राप्त करने का शांतिपूर्ण प्रयास है। डोलमा ने यह भी दोहराया कि 14वें दलाई लामा का पुनर्जन्म पूरी तरह धार्मिक प्रक्रिया है और यह गदेन फोडरंग संस्था के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसमें चीन की किसी भी प्रकार की राजनीतिक दखलअंदाजी अनुचित, अस्वीकार्य है। उन्होंने तिब्बती लोगों द्वारा किए गए आत्मदाह के बलिदानों का भी उल्लेख किया। ताइवान प्रतिनिधिमंडल में एनजीओ नेता हो त्सुंग-ह्सुन, बौद्ध वकील चेन ची-मिंग, पर्यावरणविद् वू ली-हुई, सामाजिक कार्यकर्ता हुआंग मेई-यू भी मौजूद रहे।
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