तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा।
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तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने पवित्र अवसर बुद्ध पूर्णिमा पर विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं। दलाई लामा ने अपने संदेश में कहा कि यह पावन दिन हमें उस प्रकाश की याद दिलाता है, जो शाक्यमुनि बुद्ध ने 2,500 वर्ष पहले दुनिया को दिया था। उन्होंने कहा कि भले ही दुनिया में व्यापक परिवर्तन आ चुके हों, लेकिन बुद्ध के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने विशेष रूप से ‘प्रतित्यसमुत्पाद’ (निर्भर उत्पत्ति) की गहरी समझ और सभी प्राणियों के प्रति अहिंसा व करुणा के संदेश को आज के समय में सबसे व्यावहारिक मार्गदर्शक बताया।
दलाई लामा ने अनुयायियों से अपील की कि वे ‘21वीं सदी के बौद्ध’ बनें। अर्थात केवल आस्था तक सीमित न रहकर बुद्ध के उपदेशों को समझें, उन पर गहराई से चिंतन करें और अपने जीवन में लागू करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए अध्ययन, मनन और अभ्यास आवश्यक है। 2,570वीं बुद्ध जयंती के इस शुभ अवसर पर उन्होंने अपने सभी बौद्ध भाई-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए प्रार्थना की कि हर व्यक्ति बुद्ध के उपदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर एक अधिक सुखी और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण में योगदान दें।