नवंबर-दिसंबर में संभावित पंचायत चुनाव के बाद नगर निगम धर्मशाला के चुनाव होंगे। फरवरी तक धर्मशाला को महापौर, उपमहापौर और पार्षद मिल सकते हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में नगर निगम शिमला की तर्ज पर धर्मशाला को नगर निगम बनाने की अधिसूचना जारी की है।
नगर निगम धर्मशाला का खाका तैयार किया जा रहा है। नगर परिषद धर्मशाला के सारे क्षेत्रों के अलावा साथ लगती लगभग 18 ग्राम पंचायतों को इसकी परिधि में लाया जा रहा है। विभागीय स्तर पर नगर निगम धर्मशाला का खाका बनाया जा रहा है। इसके लिए शिमला नगर निगम के ढांचे को भी स्टडी किया जा रहा है। जल्द ही नगर निगम धर्मशाला के वार्ड तय कर दिए जाएंगे।
यह सारी प्रक्रिया एक-दो महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद पंचायतों की तरह स्थानीय निकायों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शिमला नगर निगम का टेन्योर मई 2017 तक है। केवल शिमला नगर निगम को छोड़कर बाकी सभी स्थानीय निकायों में चुनाव होंगे क्योंकि इनका कार्यकाल फरवरी 2016 तक पूरा हो जाएगा।
महापौर, उपमहापौर का सीधा चुनाव नहीं- महापौर और उपमहापौर के सीधे चुनाव नहीं होंगे। इनका चयन पार्षद करेंगे। राज्य सरकार ने नगर निगम शिमला के चुनाव में महापौर और उपमहापौर के प्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था को बदल दिया है।
पंचायती राज मंत्री पंचायत अनिल शर्मा ने बताया कि चुनाव के बाद स्थानीय निकायों के साथ धर्मशाला नगर निगम के चुनाव भी होने हैं। नगर निगम धर्मशाला में लगभग 18 ग्राम पंचायतें शामिल की जा रही हैं। इनमें पंचायत चुनाव नहीं होंगे। ये नगर निगम के वार्डों में बंटी होंगी जिनसे पार्षद चुने जाएंगे।