फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीजीपी बोले- हर अपराध की जांच के लिए अलग विशेषज्ञ तैयार करेगी हिमाचल पुलिस

Mon, 19 Jul 2021 07:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

डीजीपी ने कहा कि सामान्य तौर पर अगर किसी एक ही अफसर को कई तरह के मामलों की जांच दी जाएगी तो वह किसी में भी बेहतर नतीजे नहीं दे सकता। सबसे ज्यादा फोकस कोर्ट में लंबित एनडीपीएस केसों को अंतिम दौर तक पहुंचाने पर है। 
विज्ञापन
प्रेस क्लब शिमला में प्रेस मीट के दौरान डीजीपी संजय कुंडू । - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश पुलिस में अब विषय की विशेषज्ञता रखने वाले जांच अधिकारियों को तैयार किया जाएगा। हत्या या हत्या का प्रयास जैसे केस की जांच एक अधिकारी करेगा, जबकि चोरी या लूट जैसे मामलों की दूसरा। इसी तरह महिला अपराध के लिए सिर्फ उसी अफसर को जांच दी जाएगी, जो लगातार ऐसे मामलों की तफ्तीश करेगा। सोमवार को प्रेस क्लब शिमला में आयोजित प्रेस मीट में डीजीपी संजय कुंडू ने यह बात कही। डीजीपी ने कहा कि सामान्य तौर पर अगर किसी एक ही अफसर को कई तरह के मामलों की जांच दी जाएगी तो वह किसी में भी बेहतर नतीजे नहीं दे सकता।

विज्ञापन


सबसे ज्यादा फोकस कोर्ट में लंबित एनडीपीएस केसों को अंतिम दौर तक पहुंचाने पर है। बताया कि कोर्ट में करीब साढ़े हजार केस साक्ष्य के अभाव में लंबित हैं। वहीं, साढ़े आठ हजार केस का का ट्रायल शुरू भी नहीं हो सका है। पुलिस अवैध खनन और अवैध नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए आरोपियों की वित्तीय जांच कराकर उनकी संपत्तियों को भी जब्त कर रही है। इसका असर यह हो रहा है कि अब अपराधी हिमाचल छोड़ रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया में अभी तक गवाह अहम भूमिका निभाते हैं। चूंकि ज्यादातर केस में गवाह मुकर जाते हैं। इसलिए अब वैज्ञानिक आधार वाली जांच पर जोर दिया जा रहा है। सड़क हादसे रोकने को कागजों की चेकिंग से ज्यादा सड़क सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। 

राणा की पत्नी और बेटी के आते ही जब्त होंगी बाकी संपत्तियां
मानव भारती मामले की जांच पर कुंडू ने बताया कि मुख्य आरोपी राज कुमार राणा की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। ऑस्ट्रेलिया से उनकी पत्नी व बेटी को हिमाचल लाने के लिए ईडी के निदेशक से संपर्क किया गया है। जैसे ही दोनों हिमाचल आएंगे, उनके नाम पर अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियां भी जब्त कर ली जाएंगी। उम्मीद जताई कि जल्द ही टेक्नोमेक और मानव भारती के आरोपी विदेशों से हिमाचल आ जाएंगे। 
विज्ञापन


30 फीसदी कर्मचारी शुगर और हाई बीपी के रोगी
डीजीपी ने कहा कि एक समय प्रदेश की पुलिस सबसे फिट थी। लेकिन अब 30 प्रतिशत में डायबिटीज और हाई बीपी जैसी बीमारियां हैं। इसी वजह से मेडिकल चेकअप कराए जा रहे हैं। साथ ही सरकार से राशन भत्ते को बढ़ाने के लिए कहा गया है। इससे उनके खाने की गुणवत्ता बढ़ेगी और वह ज्यादा फिट रहेंगे। हिमाचल पुलिस ने कोरोना काल में बेहतरीन काम किया है।  पुलिस के पांच और सीआईडी के एक कर्मचारी की कोरोना से मौत हो गई। उन सभी के परिवारों को कोरोना वॉरियर के लिए घोषित पचास लाख रुपये के मुआवजा दिलाने के लिए सरकार को छह केस भेज दिए गए हें।

नियम अधिसूचित होते ही होगी सिपाही की भर्ती
डेढ़ साल से सिपाही भर्ती की राह ताक रहे युवाओं के लिए डीजीपी ने कहा कि पुलिस मुख्यालय सिर्फ नियम अधिसूचित होने का इंतजार कर रहा है। जैसे ही सरकार नियमों को अधिसूचित करेगी, भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कोरोना की वजह से लटकी भर्ती में युवाओं को मौका देने के लिए ही सरकार ने दो साल की छूट का भी प्रावधान किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें