शिमला के अनाडेल मैदान में चंडीगढ़ से आने वाली हेली टैक्सी की लैंडिंग के लिए इंतजार बढ़ गया है। नागरिक उड्डयन निदेशालय (डीजीसीए) ने अनाडेल मैदान में हेली टैक्सी को उतारने के लिए मंजूरी देने से फिलहाल इंकार कर दिया है। निदेशालय की टीम निरीक्षण करने के बाद आगामी फैसला लेगी। पर्यटन विभाग के निदेशक सुदेश मोक्टा ने यह जानकारी दी है।
सरकार अनाडेल में चंडीगढ़ से शिमला आने वाली हेली टैक्सी की लैंडिंग के लिए सेना से पहले ही मंजूरी ले चुकी है। शुक्रवार से अनाडेल में हेली टैक्सी उतारने की योजना थी, लेकिन वीरवार को पवन हंस कंपनी की नागरिक उड्डयन निदेशालय के साथ हुई बैठक में इस बाबत मंजूरी नहीं मिली।
डीजीसीए ने सिर्फ मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर को अनाडेल मैदान में उतारने की मंजूरी दी है। यात्रियों के लिए इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में अब डीजीसीए के निरीक्षण पर सरकार की नजरें टिक गई हैं। डीजीसीए से अगर जल्द अनाडेल मैदान में लैंडिंग को मंजूरी दे दी जाती है तो यात्रियों को इसका बड़ा लाभ होगा।
जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से शिमला तक पहुंचने के लिए यात्रियों का करीब डेढ़ घंटे का समय बर्बाद नहीं होगा। हेली टैक्सी से उतरते ही पंद्रह से बीस मिनट के भीतर यात्री मुख्य शहर में पहुंच जाएंगे। उधर, सेना ने अनाडेल से चंडीगढ़ के लिए हैली टैक्सी के टेक ऑफ की मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में यात्रियों को हेली टैक्सी से चंडीगढ़ जाने के लिए जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे तक जाना ही पड़ेगा।
जुलाई से हफ्ते में तीन दिन उड़ान शुरू करने की तैयारी- जुलाई से सप्ताह में तीन दिन हेली टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने हेलीकाप्टर को हेली टैक्सी सेवा के लिए तीन दिन देने को मंजूरी दे दी है। जुलाई महीने से सोमवार और शुक्रवार के अलावा बुधवार से भी शिमला-चंडीगढ़ और चंडीगढ़-शिमला के बीच हेली टैक्सी सेवा शुरू हो जाएगी।
अनाडेल तक सेवा शुरू होने पर बढ़ेगा किराया- हेली टैक्सी की सेवा जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे की जगह अनाडेल मैदान तक मिलने पर हवाई सेवा का किराया भी बढ़ाया जाएगा। अभी 2999 रुपये के रेट पर एक टिकट बेची जा रही है। इस रेट में इजाफा करने के लिए पर्यटन विभाग के अधिकारी इन दिनों जुटे हैं।