एक माह के स्वर्ग प्रवास के बाद कई देवी-देवता वापस लौट आए हैं। अपर शिमला में स्वर्ग प्रवास से लौटे देवताओं के दर्शन के लिए मंदिरों में भारी भीड़ जुटी रही। मंदिरों में अब देवताओं की नियमित आरती उतारी जाएगी। अब शुभ कार्य भी किए जा सकेंगे।
रामपुर बुशहर, आउटर सिराज और किन्नौर जिले के देवी-देवता मकर संक्रांति को एक माह के लिए स्वर्ग प्रवास पर चले गए थे। मान्यता के अनुसार देवी-देवता इस अवधि में इंद्रलोक में रहते हैं। देवताओं के स्वर्ग में रहने के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
देवता साहिब जाख रचोली, देवता साहिब बसाहरा, काजल देवता गसो, दरकाली में लक्ष्मी नारायण देवता, लालसा में दोगड़ू देवता, बरांदली में छत्रखंड देवता, डंसा देवता, शोली में शोलेश्वर महादेव आदि देवताओं ने अपने गुरों के माध्यम से इस बार का वर्ष फल भी सुनाया।
रचोली मंदिर कमेटी के सचिव अर्जुन नेगी ने बताया कि इस बार देवता साहिब अपने साथ लोगों की खुशहाली के समाचार लाए हैं। यह बात देवता ने अपने माली संजीव कुमार के माध्यम से बताई। अर्जुन नेगी ने बताया कि देवता के अनुसार इस वर्ष क्षेत्र में लोगों की फसलें अच्छी होंगी और मौसम भी पूरा साथ देगा।
पूजा अर्चना के समय मंदिर के माली संजीव कुमार, कुलदीप, पूर्ण चंद के अलावा कोषाध्यक्ष टेक सिंह करेट के अलावा क्षेत्र भर से आए लोग मौजूद रहे। देवता के गुर लोगों को आशीर्वाद के तौर पर सरसों के दाने देते हैं। आपके लिए यह साल अच्छा रहेगा या फिर बुरा। इसका पता इन दानों से चलता है। यानी अगर किसी व्यक्ति को 1, 3, 7 दानें मिले हो तो साल शुभ रहेगा। अगर 2, 4, 8 दानें मिलते हो तो कुछ न कुछ गड़बड़ होने के संकेत होते हैं।
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