कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए ऊना जिले का सरकारी अमला मुस्तैदी के साथ हरसंभव कदम उठा रहा है। जिले में क्षेत्रीय अस्पताल समेत सभी सिविल अस्पतालों में कोरोना के संदिग्धों व मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। साथ ही क्वारंटीन सेंटर को चिह्नित किया जा रहा है। सभी आइसोलेशन वार्ड तथा क्वारंटीन सेंटर में स्वास्थ्य संबंधी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं। यह जानकारी उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने सोमवार को कोरोना वायरस को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। बैठक में एडीसी अरिंदम चौधरी, एसडीएम डॉ. सुरेश जसवाल, तोरुल एस रवीश, विशाल शर्मा, विनय मोदी, सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा, एएसपी विनोद धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग को जिले के सभी थाना प्रभारियों के माध्यम से होटलों में आने वाले विदेशी और बाहरी राज्यों के लोगों के बारे में जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिम प्रबंधकों से भी जानकारी साझा करने को कहा गया है, विशेष तौर पर विदेश से आए लोगों के बारे में। डीसी संदीप कुमार ने कहा कि कोरोना से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन सभी को व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मास्क व सैनिटाइजर के स्थान पर साबुन से भी अच्छी तरह से हाथ धोने से कोरोना के संक्रमण का खतरा कम होता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में एक विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है, जहां पर कोरोना के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज टांडा भेजे जाएंगे। डीसी ने बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को दुकानों पर मास्क व सैनिटाइजर के स्टॉक की जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्क व हैंड सैनिटाइजर की कालाबाजारी को रोकने के लिए इन्हें आवश्यक वस्तु घोषित कर दिया है।
जिला में 21 व्यक्ति निगरानी में
बैठक में सीएमओ ऊना डॉ. रमन कुमार शर्मा ने कहा कि कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा कर लौटे 21 लोग अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। उन्हें 28 दिन तक घर के अंदर ही रहने के निर्देश दिए गए हैं और नियमित तौर पर उनकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के संदर्भ में जिला व खंड स्तर पर आशा वर्कर्स को ट्रेनिंग दे दी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी कोरोना से बचाव को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।