कुल्लू। लगघाटी की आराध्य माता भागासिद्ध के सम्मान में डुगीलग में सोमवार को मेला का आयोजन किया गया।
इस मेले में माता भागासिद्ध और माता फुंगणी का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर में आना-जाना सुबह से शाम तक लगा रहा। हालांकि दोपहर के समय माता के गूरों ने बिच्छू बूटी के साथ मंदिर परिसर में देव खेल की परंपरा को निभाया।
इसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे। वहीं, दोपहर बाद लगघाटी की आराध्य माता भागासिद्ध और फुंगणी और के रथ को मंदिर से बाहर निकाला गया और देव परंपराओं का विधि-विधान के साथ निर्वहन किया गया।
इस दौरान संपूर्ण घाटी वाद्य यंत्रों ध्वनि और स्वर लहरियों से गूंज उठी। मेले के विधि-विधान की परंपरा से श्रद्धालु रूबरू हुए।
माता के पुजारी बेली राम ने कहा कि हर साल अगस्त में माता भागासिद्ध के सम्मान में मेला मनाया जाता है। इस साल भी परंपरा अनुसार मेले का आयोजन किया गया।