सराज के आराध्य देव विष्णु मतलोडा को देयोली (निमंत्रण पर भक्त के घर जाना) के लिए देवलुओं ने उफनती डिंगली खड्ड को जान जोखिम में डालकर पार किया। देवता के रथ को कंधे पर उठाकर देवलू गहरे पानी और तेज बहाव में उतर गए।
देवभूमि हिमाचल में देव परंपराओं के निर्वहन के लिए देवलू हमेशा आगे रहते हैं। बीते रविवार को देव आस्था का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। सराज के आराध्य देव विष्णु मतलोडा को देयोली (निमंत्रण पर भक्त के घर जाना) के लिए देवलुओं ने उफनती डिंगली खड्ड को जान जोखिम में डालकर पार किया। देवता के रथ को कंधे पर उठाकर देवलू गहरे पानी और तेज बहाव में उतर गए। पानी कंधों तक पहुंच गया, लेकिन देवलुओं की आस्था टस से मस नहीं हुई।
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देवता को पार लगाने के बाद अन्य देवलू भी उफनती खड्ड को पार कर गंतव्य तक पहुंचे। दरअसल, जिस रास्ते से ये लोग देवता के रथ को ले जा रहे हैं, वहां एक अस्थायी सड़क भी है। सड़क गागन से ढिंगली जाती है और लोग इसे शार्टकट में प्रयोग में लाते हैं। रास्ते में यह खड्ड आती है। देवता के कारदार लेदराम ने बताया कि देव विष्णु मतलोडा के संरक्षण में सभी देवलुओं ने सुरक्षित खड्ड पार की। ऐसी बाधा अकसर देवता के भक्त सकुशल पार करते हैं।