फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुल्थान में तबाही: प्रभावित परिवारों में आक्रोश, मलबा नहीं हटाने पर अड़े लोग

Sat, 11 May 2024 06:53 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बरोट/मुल्थान/जोगिंद्रनगर (मंडी)

सार

 मुल्थान में प्रभावित परिवारों का आक्रोश देखने को मिला। प्रभावित परिवारों के समर्थन में आए ग्रामीणों ने पावर प्रोजेक्ट की लापरवाही पर खूब खरी खोटी सुनाई।
विज्ञापन
मुल्थान में तबाही: प्रभावित परिवारों में आक्रोश - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 मुल्थान में तबाही के बाद तहसील कार्यालय में प्रभावित परिवारों का आक्रोश देखने को मिला। प्रभावित परिवारों के समर्थन में आए ग्रामीणों ने पावर प्रोजेक्ट की लापरवाही पर खूब खरी खोटी सुनाई। मौके पर मौजूद राजस्व विभाग के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के शांत करने के बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीण अब मुल्थान बाजार और साथ लगते क्षेत्रों में मलबा न हटाने को लेकर भी अड़ गए हैं। इससे बड़ा गांव, कोठी कोहड़ की और जाने वाली मंडी कांगड़ा की बसों की आवाजाही भी ठप हो गई है।

विज्ञापन


करीब पांच हजार से अधिक आबादी को कांगड़ा और मंडी में पहुंचने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय पंचायत प्रधान दुर्गेश कुमारी का कहना है कि कंपनी प्रबंधन से मुआवजे को लेकर लिखित रूप में समझौता होने के बाद ही वह मुल्थान बाजार से मलबा हटाने देंगे। पानी के तेज बहाव से आए मलबे और पत्थर से प्रभावित परिवार के सदस्य ज्ञान चंद, प्रेम चंद, नानक चंद, प्रीतम, रणजीत, नागपाल, बीरी सिंह, रतन चंद, जगदीश, राजकुमार, रामचंद के परिवार के सदस्यों ने उचित मुआवजे की मांग करते हुए विद्युत परियोजना को भी गांव से हटाने की मांग की। मौके पर मौजूद तहसीलदार डॉ. वरूण गुलाटी ने गुस्साए ग्रामीणों को शांत किया और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

कंपनी ने की मुआवजे की घोषणा
उधर, मुल्थान हाइड्रो प्रोजेक्ट की एचआरडी में अचानक पानी के रिसाव से करोड़ों का नुकसान उठाने के बाद परियोजना प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने का एलान शनिवार को फिर किया है। वहीं आपदा की इस स्थिति में हर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में ठहरने और खाने की व्यवस्था भी परियोजना प्रबंधन के माध्यम से की जा रही है। प्रोजेक्ट मैनेजर देवी सिंह चौहान ने बताया कि हर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। प्रबंधन प्रभावितों के साथ है।
विज्ञापन

मुल्थान बाजार चौपट, पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा असर
मुल्थान बाजार मलबे और पत्थरों के ढेरों से लबालब हो जाने के बाद यहां का कारोबार भी चौपट हो गया है। दुकानों को नुकसान पहुंचा है। मनियारी, हार्डवेयर, होटल, ढाबा संचालकों के अलावा अन्य व्यवसाय के कारोबारियों की दुकानों में दरारें और शटर क्षतिग्रस्त हो जाने से लाखों का नुकसान पहुंचा है। वहीं मुल्थान में हुए हादसे के बाद पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ा है। पर्यटन स्थल बरोट से भी पर्यटकों ने लौटना शुरू कर दिया है। यहां पर वीकेंड पर रौनक देखने को नहीं मिली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें