मुल्थान में तबाही: प्रभावित परिवारों में आक्रोश
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मुल्थान में तबाही के बाद तहसील कार्यालय में प्रभावित परिवारों का आक्रोश देखने को मिला। प्रभावित परिवारों के समर्थन में आए ग्रामीणों ने पावर प्रोजेक्ट की लापरवाही पर खूब खरी खोटी सुनाई। मौके पर मौजूद राजस्व विभाग के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के शांत करने के बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीण अब मुल्थान बाजार और साथ लगते क्षेत्रों में मलबा न हटाने को लेकर भी अड़ गए हैं। इससे बड़ा गांव, कोठी कोहड़ की और जाने वाली मंडी कांगड़ा की बसों की आवाजाही भी ठप हो गई है।
करीब पांच हजार से अधिक आबादी को कांगड़ा और मंडी में पहुंचने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय पंचायत प्रधान दुर्गेश कुमारी का कहना है कि कंपनी प्रबंधन से मुआवजे को लेकर लिखित रूप में समझौता होने के बाद ही वह मुल्थान बाजार से मलबा हटाने देंगे। पानी के तेज बहाव से आए मलबे और पत्थर से प्रभावित परिवार के सदस्य ज्ञान चंद, प्रेम चंद, नानक चंद, प्रीतम, रणजीत, नागपाल, बीरी सिंह, रतन चंद, जगदीश, राजकुमार, रामचंद के परिवार के सदस्यों ने उचित मुआवजे की मांग करते हुए विद्युत परियोजना को भी गांव से हटाने की मांग की। मौके पर मौजूद तहसीलदार डॉ. वरूण गुलाटी ने गुस्साए ग्रामीणों को शांत किया और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।