हिमाचल के सीनियर सेकेंडरी स्कूल भोरंज में शनिवार को एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट नशे की हालत में ही परीक्षा केंद्र पहुंच गया। लोगों की शिकायत पर जब एसडीएम स्कूल पहुंचे तो देखा कि ये खड़ा तक नहीं हो पा रहा था।
मगर पुलिस के आने से पहले ही यह अचानक स्कूल से भाग गया। पुलिस के अनुसार सीनियर सेकेंडरी स्कूल भोरंज में स्थापित परीक्षा केंद्र में तैनात एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पर नशे की हालत में स्कूल पहुंचने का आरोप लगा है।
लोगों का आरोप है कि वह शनिवार को नशे की हालत में स्कूल पहुंचा। लोगों की शिकायत पर एसडीएम एसके पराशर स्कूल पहुंचे। उन्होंने भोरंज थाने में फोन कर पुलिस को बुलाया।
एएसआई चमनलाल के नेतृत्व में पुलिस के पहुंचने से पहले ही डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्रिंसिपल के टेबल पर छुट्टी की अर्जी रखकर गायब हो गया। आरोपी उपमंडल हमीरपुर के एक मिडल स्कूल में सेवारत बताया जा रहा है।
नशे में झूल रहा था शिक्षक, लोगों ने कर दी शिकायत
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने उसे भोरंज स्कूल में बोर्ड परीक्षाओं के लिए डिप्टी सुपरिंटेंडेंट तैनात किया है। शनिवार को दसवीं कक्षा के हिंदी का सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक पेपर था। वह स्कूल जा रहा था तो लोगों को शक हुआ कि उसने नशा किया है। लोगों के मुताबिक उसके मुंह से शराब की बू भी आ रही थी।
लोगों की शिकायत पर 10:35 मिनट पर एसडीएम स्कूल पहुंचे। उनके सामने भी आरोपी नशे में इधर-उधर हिचकोले खा रहा था। एसडीएम ने पुलिस थाना में फोन किया। इस बीच, आरोपी ने प्रिंसिपल को तबीयत खराब होने का तर्क देकर छुट्टी ले ली और परीक्षा केंद्र से गायब हो गया।
अधिकारी बोले, नशे में था सुपरिंटेंडेंट, अर्जी देकर गायब
एसडीएम एसके पराशर ने कहा कि लोगों ने फोन पर सूचना दी कि भोरंज स्कूल में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट शराब पीकर आया है। स्कूल जाकर देखा तो वह खड़ा होने की स्थिति में नहीं था। पुलिस को सूचना दी, लेकिन इससे पहले ही वह गायब हो गया।
स्कूल प्रिंसिपल कुलदीप डोगरा ने कहा कि डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सुबह नौ बजे स्कूल आया था। एसडीएम के पहुंचने के बाद डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। वह छुट्टी की अर्जी देकर घर चला गया।
स्कूल ने अपने ही स्कूल के अध्यापक की लगा दी ड्यूटी
आरोपी के घर जाने के बाद साढ़े दस बजे प्रिंसिपल ने उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग को मामले की सूचना दी। अध्यापक आशीष राणा को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की जगह तैनात किया। नियमानुसार डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की नियुक्ति स्कूल शिक्षा बोर्ड करता है। बोर्ड परीक्षाओं में तैनात सभी सुपरिंटेंडेंट और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की तैनाती टीए और डीए पर बोर्ड ने की है।
बीमार थे तो अस्पताल क्यों नहीं गए
लोगों का कहना है कि स्कूल प्रशासन डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को बचाने का प्रयास कर रहा है। अगर वे बीमार थे तो सुबह नौ बजे परीक्षा शुरू हुई थी, उन्हें उसी वक्त छुट्टी लेनी चाहिए थी। अगर परीक्षा के दौरान बीमार हुए तो स्कूल प्रशासन उन्हें पास के सरकारी अस्पताल में क्यों नहीं लेकर गया। एसडीएम के आने के बाद ही एकदम छुट्टी लेना शक के दायरे में आ रहा है।