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एसोचैम रिपोर्ट में खुलासा, भारत के लिए अब ऐसे खतरा बन रहा है चीन

Fri, 29 Jul 2016 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी (सोलन)
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एसोचैम की सेकेंडरी डाटा सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का फार्मा उद्योग 390 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कच्चा माल चीन से आयात कर रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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दवा उद्योगों की कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता देश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए खतरा है। भारतीय फार्मा उद्योग दवा निर्माण को 85 फीसदी कच्चा माल चीन से लेते हैं।
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भारत में कार्य कर रहे इंडस्ट्रियल चेंबर एसोचैम की रिपोर्ट में इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। बद्दी में ड्रग डिपार्टमेंट और एसोचैम के संयुक्त सम्मेलन में यह रिपोर्ट दून के विधायक राम कुमार चौधरी ने रखी।

एसोचैम की सेकेंडरी डाटा सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का फार्मा उद्योग 390 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कच्चा माल चीन से आयात कर रहा है। देश में दवाओं के लिए केवल पांच फीसदी रॉ मैटीरियल तैयार होता है। उत्पादन न बढ़ने से हम चीन पर निर्भर हो गए हैं।
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वर्ष 2008 में चीन ने भारत में आयात होने वाले एक्टिव फार्मास्यूटिक्ल इंग्रिडेंट (एपीआईज) के दामों में बढ़ोतरी की थी। इससे उत्पादन में कमी आने से भारतीय बाजार में स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था।

चीन से आयात कच्चे माल की गुणवत्ता पर भी सवाल

भारत जब तक दवा के लिए कच्चा माल तैयार करने में आत्मनिर्भर नहीं बनेगा, चीन से देश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरा रहेगा। नाइपर संस्थान मोहाली के कार्यवाहक निदेशक केके भूटानी ने चीन से आयात होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।

कहा कि इसकी ड्रग डिपार्टमेंट की ओर से विभिन्न स्तरों पर जांच होनी चाहिए। कई बार घटिया कच्चा माल भी पहुंच रहा है। घरेलू एपीआई के निर्माण को बढ़ावा देने की जरूरत है। विधायक राम कुमार चौधरी ने कहा कि भारत में फार्मा उद्योग बेहतर ढंग से काम कर रहा है। इसमें सुधार और विस्तार को लेकर सरकार हर स्तर पर कार्य कर रही है।
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2020 तक हासिल कर लेंगे आत्मनिर्भरता

ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दवा निर्माण में देश की आत्मनिर्भरता को लेकर वर्ष 2020 तक का लक्ष्य रखा है। देश में कई जगहों पर बल्क ड्रग पार्क खोले जा रहे हैं। केंद्र सरकार इसके लिए मौजूदा नीतियों में सरलता, नियामक मापदंडों को आसान बनाने और बाधाओं को दूर करने का प्रयास कर रही है।

ये रहे मौजूद
हिमाचल दवा निर्माता संघ एवं बीबीएन औद्योगिक संघ के सहयोग से आयोजित सम्मेलन में वर्क श्योर मेडफार्मा प्रबंध निदेशक डॉ. अंकित पाठक, इंड स्विफ्ट के प्रबंध निदेशक एवं एसोचैम पंजाब चैप्टर के चेयरमैन डॉ. गोपाल मुंजाल, पंजाब यूनिवर्सिटी प्रोफेसर आईएस दुआ मौजूद रहे।
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