देशभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के साथ ही प्रदेश के जेल विभाग ने विचाराधीन व स्थायी कैदियों को रखने की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। अब किसी भी मामले में जेल में निरुद्ध होने वाले कैदियों को पहले तीन दिन तक जेल में बनाए गए अलग कमरों में रखा जाएगा। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार संक्रमण संबंधी लक्षणाें को लेकर उन पर नजर रखी जाएगी।
इसके बाद उन्हें अन्य कैदियों के साथ रखा जाएगा। इस दौरान सभी कैदियों के जेल आने से पहले इन्होंने किस शहर या देश में परिवहन किया, इसकी जानकारी भी ली जाएगी। विदेशी कैदियों के मामले में पिछली परिवहन की जानकारी पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। डीजी जेल सोमेश गोयल ने बताया कि जेल में बंद कैदियों से मिलने वालों को भी वीडियो कॉल के जरिये ही संपर्क करने के लिए कहा जाएगा।
फोन पर ही मिलाई के लिए कहा जा रहा है। जेल से बाहर जाकर काम करने वाले कैदियों को भी सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर ही जेल में प्रवेश करने की व्यवस्था करने को कहा गया है। गोयल ने बताया कि अगर किसी नए विचाराधीन या सजा पाने वाले कैदी में खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण मिलते हैं तो उन्हें तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। डॉक्टरों की सलाह के बाद ही उन्हें दोबारा जेल में रखने को लेकर भी फैसला लिया जाएगा।