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शिक्षकों की सीएएस के तहत पदोन्नति को बहाल करने की घोषणा करें मुख्यमंत्री : हपुटवा

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संघ के अध्यक्ष ने कहा , पदोन्नति से वंचित है कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षक
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 56 वें स्थापना दिवस में मुख्यमंत्री के विवि में आगमन पर शिक्षक संघ हपुटवा ने शिक्षकों की कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत रुकी पदोन्नति को बहाल करने करने की उम्मीद है। हपुटवा के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास और महासचिव डॉ. अंकुश, उपाध्यक्ष डॉ. योगराज, कोषाध्यक्ष डॉ. रामलाल, सहसचिव डॉ. अंजलि ने कहा कि सरकार की रोक के कारण प्रदेश के हजारों शिक्षक चाहे वो महाविद्यालय के हों या विश्वविद्यालय के हों, सीएएस के तहत होने वाली प्रमोशन से वंचित हैं ।
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नितिन व्यास ने बताया कि 2022 से शिक्षक लगातार इस रोक को निरस्त करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर चुप है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि हम सब मिलकर प्रदेश एवं प्रदेश विश्वविद्यालय की उन्नति को लेकर कार्यरत हैं, लेकिन इस तरह के नकारात्मक रवैये से हताश हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का तीन सौ शिक्षक इस फैसले से प्रभावित हैं और प्रदेश के महाविद्यालयों में तो संख्या हजारों में हैं। इस रोक से प्राध्यापकों को वित्तीय नुकसान तो है ही, साथ में अकादमिक नुकसान भी है। विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग भी प्रभावित हुई है। पूरे प्रदेश में कर्मचारियों की प्रमोशन हो रही है। निगमों, बोर्डों के अध्यक्षों के वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी हो रही है तो प्रदेश के शिक्षकों से भेदभाव क्यों। नितिन व्यास ने बताया कि यह भेदभाव आने वाले समय में एक विशाल आंदोलन का रूप ले सकता है। हपुटवा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 22 जुलाई को विश्वविद्यालय के स्थापना कार्यक्रम में यूजीसी अधिनियम 2010 तथा 2018 के अंतर्गत सीएएस के तहत पदोन्नति को बहाल करने की घोषणा करें।
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