विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम ने तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोर्ड प्रबंधन को तत्काल कदम उठाने का किया आग्रहबिजली सब्सिडी और 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा करें बहाल : एएस गुप्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम ने राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े तीन ज्वलंत मुद्दों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। फोरम ने इसे पेंशनरों के अधिकारों की उपेक्षा बताते हुए तत्काल समाधान करने की मांग की है। पेंशनरों ने इस बाबत राज्य विद्युत बोर्ड के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
फोरम के प्रदेशाध्यक्ष एएस गुप्ता और महासचिव चंद्र सिंह मंड्याल ने उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि जिन पेंशनरों को सेवा अवधि में नोशनल वेतन वृद्धि मिली है, उन्हें उसके आधार पर पेंशन लाभ मिलना चाहिए। यह उनका वैधानिक अधिकार है। फोरम ने इस आदेश को अब तक लागू न किए जाने पर नाराजगी जताई और आग्रह किया कि इस पर तुरंत अमल हो, जिससे प्रभावित पेंशनरों को उनका हक मिल सके। उन्होंने सरकार की ओर से पेंशनरों को मिलने वाली बिजली सब्सिडी और 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा को बिना किसी स्पष्ट कारण के वापस लेने के फैसले को अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण करार दिया है। कहा कि इसे खत्म करना पेंशनरों की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करता है। प्रेस सचिव अमर सिंह भलैक ने बताया कि हाल ही में पेंशन शाखा में कार्यरत अनुभवी कर्मचारियों का एकसाथ स्थानांतरण कर दिया गया है, जिससे शाखा की कार्यकुशलता पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसका सीधा प्रभाव पेंशनरों को समय पर सेवाएं न मिलने के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने इन कर्मचारियों की वापसी की मांग की है ताकि कार्यों में गति और निरंतरता बनी रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि बोर्ड प्रबंधन इन विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेगा।