लगभग 10 हजार मेगावाट क्षमता की जल विद्युत परियोजना क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में है। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि ये सभी परियोजनाएं जल्द शुरू की जा सकें। मुख्यमंत्री ने वन वैली वन लाइन पर बल दिया।
कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। निदेशक केंद्रीय सिंचाई एवं ऊर्जा बोर्ड पीपी वाही ने कहा कि देश में भिन्न-भिन्न भौगोलिक परिस्थितियां हैं। अलग-अलग मौसम रहता है।
ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए एक उपयुक्त नीति तैयार की जाए। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, राज्य बिजली
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत बाल्दी, एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रबोध सक्सेना, एचपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक देवेश कुमार, बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी काल्टा सहित कई अन्य मौजूद रहे।