शोध अनुभव की शर्त के बिना जोड़ दी वैधानिक स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एसएफआई ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के तत्कालीन कुलसचिव पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की मांग की है। यह मांग सहायक प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) भर्ती में कथित हेरफेर और वैधानिक अनदेखी के आरोप में है।
एसएफआई ने थाना बालूगंज शिमला में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। एसएफआई का आरोप है कि वर्ष 2014 में सहायक प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) भर्ती विज्ञापन में पांच वर्ष के शोध अनुभव की शर्त के बिना वैधानिक स्वीकृति जोड़ी है। कार्यकारी परिषद ने एक मार्च 2014 को इसे मंजूरी नहीं दी थी बल्कि संबंधित निकायों से अनुमोदन का निर्देश दिया था। इसके बावजूद तत्कालीन कुलसचिव ने 8 सितंबर 2014 को जारी विज्ञापन में यह शर्त शामिल कर दी। स्क्रीनिंग समिति ने ऐसे अभ्यर्थियों को भी शॉर्टलिस्ट किया जिनके पास यह अनिवार्य अनुभव नहीं था। बाद में 27 जून 2015 को चयन समिति ने उसी अभ्यर्थी का चयन किया जो यह शर्त पूरी करता था। एसएफआई का कहना है कि यह सार्वजनिक पद के दुरुपयोग और गंभीर अनियमितता का मामला है। एसएफआई ने मामले में पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और वित्तीय हानि की वसूली की मांग की है। संवाद