हिमाचल प्रदेश दिल्ली के लिए 137 क्यूसिक से ज्यादा पानी दे रहा है। राज्य सरकार ने अप्पर यमुना रिवर बोर्ड (यूआईआरबी) को हिमाचल से जाने वाले पानी की रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि हिमाचल ने कहीं भी पानी नहीं रोका है, क्योंकि यमुना नदी और इसकी सहायक उपनदियों पर कोई भी बांध नहीं बना है, जहां पानी को रोका जा सके।
अब यूआईआरबी ने पानी को मापने के लिए दो अधिकारियों की तैनाती की है। ये अधिकारी हिमाचल से जो पानी छोड़ा जा रहा है, उसे मापेंगे। वहीं हरियाणा में जो पानी पहुंच रहा है, उसे भी मापेंगे। जो रिपोट तैयार होगी, उसे सुप्रीम कोर्ट को सौंपा जाएगा। उधर, हिमाचल सरकार ने भी अपनी ओर से अप्पर यमुना रिवर बोर्ड के सहयोग के लिए पानी को मापने के लिए जल शक्ति विभाग के दो अधिकारियों की तैनाती की है। इनमें नाहन सर्कल के अधीक्षण अभियंता और योजना एवं अन्वेषण यूनिट -2 के अधीक्षण अभियंता शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में हरियाणा को निर्देश दिए थे कि हिमाचल प्रदेश की ओर उपलब्ध करवाए जा रहे अतिरिक्त पानी को दिल्ली के लिए छोड़ दें। नाहन सर्कल के अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की ओर से पानी नहीं रोका गया है। यहां से हरियाणा की ओर बह रहे पानी की रिपोर्ट अप्पर यमुना रिवर बोर्ड को दे दी गई है।