एचआरटीसी केलांग डिपो ने एक जुलाई से दिल्ली-लेह के बीच बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। निगम की बस बर्फ से लकदक 16500 फीट ऊंचे बारालाचा, 15547 फीट नकिला, 17480 फीट तंगलंगला और 16616 फीट लाचुंगला को पार कर लेह पहुंचेगी।
देश के सबसे लंबे और ऊंचाई वाले दिल्ली-लेह रूट पर एक जुलाई से एचआरटीसी की बस सेवा शुरू होगी। केलांग डिपो की बस में सैलानियों को दिल्ली से लेह तक सफर करने के लिए 1548 रुपये किराया देना होगा। अटल टनल रोहतांग खुलने के बाद दिल्ली से लेह की दूरी अब 46 किलोमीटर कम होकर 1026 किलोमीटर रह गई है। पहले यह 1072 किमी थी। कोरोना के चलते यह रूट करीब डेढ़ साल तक बंद रहा।
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देश में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद लेह जाने वाले सैलानियों की संख्या में एकदम इजाफा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मनाली से लेह की तरफ रोजाना औसतन 2500 वाहन जा रहे हैं। ऐसे में एचआरटीसी केलांग डिपो ने एक जुलाई से दिल्ली-लेह के बीच बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। निगम की बस बर्फ से लकदक 16500 फीट ऊंचे बारालाचा, 15547 फीट नकिला, 17480 फीट तंगलंगला और 16616 फीट लाचुंगला को पार कर लेह पहुंचेगी।
लद्दाख में प्रवेश के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जरूरी
बिना आरटीसीपीआर टेस्ट के सैलानियों को लद्दाख में एंट्री नहीं मिलेगी। लद्दाख प्रशासन ने अभी तक आरटीसीपीआर टेस्ट की शर्त नहीं हटाई है। परिवहन निगम डिपो केलांग के अधिकारियों ने दिल्ली-लेह बस में सफर करने वाल सैलानियों से अपील की है कि लेह की तरफ सफर करने से पहले आरटीसीपीआर टेस्ट जरूर करवाएं। आरएम मंगल मानेपा ने कहा कि लद्दाख के प्रवेश द्वार उपशी में एंट्री करने वाले सैलानियों की निगेटिव रिपोर्ट चेक की जा रही है। एचआरटीसी नहीं चाहता है कि बिना कोविड टेस्ट किए सैलानियों को उपशी से लौटना पड़े।