दूसरी ओर, अदालत ने मनी लांड्रिंग मामले में आरोपों पर जिरह के लिए भी 29 जनवरी की तारीख तय की है। वीरभद्र सिंह के वकीलों ने आवेदन दायर कर कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें अब तक आरोप पत्र के साथ पेश सभी दस्तावेज मुहैया नहीं कराए हैं।
बचाव पक्ष के इस तर्क को खारिज करते हुए अभियोजन के अधिवक्ता नवीन कुमार मांटा व नितेश राणा ने कहा कि आरोप पत्र के साथ पेश दस्तावेज काफी पहले आरोपी के वकीलों को मुहैया करा दिए गए थे।
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109, 465, 471 और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2), उपधारा 13(1)(ई) के प्रावधानों के तहत 500 पन्नों की चार्जशीट तीन अप्रैल 2017 को दाखिल की थी। एजेंसी ने चार्जशीट में 225 गवाहों व 442 दस्तावेज का हवाला दिया था।