दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में हिमाचल के गवाहों के बयान फिलहाल दर्ज न करने का अंतरिम आदेश निचली अदालत को दिया है। इस मामले में निचली अदालत में सीबीआई अपने गवाहों के बयान दर्ज करवा रही है।
वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए 10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि याची ने दिल्ली पुलिस स्पेशल इस्टेबलिशमेंट एक्ट की धारा-छह को चुनौती दे रखी है।
यह धारा सीबीआई के मामले की जांच के लिए राज्य की जरूरी अनुमति से जुड़ी है। याचिका पर अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। हाईकोर्ट के समक्ष वीरभद्र सिंह के वकील ने कहा कि इस मामले की जांच दिल्ली के साथ ही हिमाचल में भी की गई थी, लेकिन राज्य सरकार की अनुमति नहीं ली गई थी।
यह है मामला
निचली अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी समेत नौ के खिलाफ आरोप तय किए थे। अदालत ने कहा था कि वीरभद्र और आनंद चौहान ने एक नए सहमति पत्र पर पिछली तारीख पर दस्तखत किए थे, ताकि ऐसा लगे कि यह दस्तावेज 15 जून 2008 को अमल में लाया गया था।