हिमाचल में अफसरशाही की लेटलतीफी से हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन रुक गई है। सरकारी विभाग सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों का ब्योरा समय पर नहीं भेज रहे हैं। महालेखाकार कार्यालय की आपत्ति पर अब वित्त महकमे ने सभी विभागीय सचिवों को ब्योरा जल्द देने के आदेश जारी किए हैं।
केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम 1972 के नियम 61 (4) के तहत प्रावधान है कि सभी सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के पेंशन मामले उनकी सेवानिवृत्ति के छह महीने पहले महालेखाकार कार्यालय को दी जानी चाहिए।
इस नियम का पालन करने से सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों के पेंशन मामलों को उनकी सेवानिवृत्ति से पहले निपटाकर समय पर पेंशन लाभ दिए जाते हैं। लेकिन उप महालेखाकार हिमाचल प्रदेश ने वित्त विभाग के ध्यान में लाया है कि विभिन्न विभागों और उनके अधीन कार्यरत आहरण एवं संवितरण अधिकारियों द्वारा केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम 1972 के प्रावधानों विशेषकर नियम 56 और 61 की अनुपालना नहीं की जा रही है
जिससे पेंशनरों को लंबे समय तक पेंशन लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। ऐसे में वित्त महकमे ने सभी प्रशासनिक सचिवों, सभी विभागाध्यक्षों और शिमला, मंडी और कांगड़ा के मंडलायुक्तों को अपने सभी अधीनस्थ कार्यालयों को नियमों का पालन करने के आदेश देने को कहा है।