नियमित रूप से नहीं मिल रहा पैसा, कार्यों में हो रही देरी
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राजधानी में वित्तीय कमी के चलते कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसमें सड़क से लेकर भवन निर्माण तक के कार्य शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग अन्य सरकारी विभागों के निर्माण कार्य करवाता है। इसमें छह प्रमुख विभागों के सबसे अधिक कार्य होते हैं। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी संस्थान, पशु पालन, पुलिस और आयुर्वेद विभाग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग के पास ज्यादातर भवन निर्माण के कार्य इन विभागों से ही आते हैं। लोक निर्माण विभाग किसी भी परियोजना पर कार्य करने से पूर्व 20 प्रतिशत राशि लेता है। इस राशि से निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर कार्य को शुरू किया जाता है। इस समय विभाग शिमला में सभी प्रमुख विभागों के 6 प्रोजेक्टों पर कार्य कर रहा है। इसमें अधिकतर प्रोजेक्टों के कार्य तय समय सीमा से पीछे चल रहे हैं। इसका कारण संबंधित विभागों से पैसे समय पर उपलब्ध न होना बताया जा रहा है। इससे ठेकेदारों को समय पर भुगतान करने में भी देरी हो रही है तथा विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। निर्माण कार्यों में देरी से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाती है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार इन कार्यों में देरी की वजह से विभाग के अन्य कार्य भी प्रभावित होते है।
कोट-
लोक निर्माण विभाग के डीएओ दीपक शर्मा ने कहा कि विभागों के प्रोजेक्ट के कार्य बजट की वजह से प्रभावित हो रहे हैं। इससे निगरानी और मूलभूत सुविधाओं की समय पर उपलब्धता करवाने में देरी होती है।