गौरतलब है कि देश और विश्व में आने वाले संकट, महामारी और प्राकृतिक आपदा के लिए कुल्लू की आराध्य देवी हिडिंबा के प्राचीन मंदिर ढुंगरी में ऊझी घाटी के सभी देवी-देवता एकत्रित होते हैं। बुधवार को देवी हिडिंबा के दरबार में घाटी के करीब एक दर्जन देवी-देवताओं ने भाग लिया।
यह देवी देवता हुए शामिल
देवी हिडिंबा, मनु ऋषि, ब्यास ऋषि, गौतम ऋषि, सियाली महादेव, शंक नारायण, सृष्टि नारायण, शिरघन नाग, वीरनाथ, शांडिल्य ऋषि, कार्तिक स्वामी, गोशाली नाग, जमदग्नि ऋषि व पराशर ऋषि अपने निशान के साथ सैकड़ों हारियानों व कारकूनों के साथ मौजूद रहे।