मुख्य सचिव पी. मित्रा के बाद वरिष्ठतम अधिकारी दीपक सानन ने राज्य सरकार को कहा है कि वे मुख्य सचिव नहीं बनना चाहते हैं। सानन ने कहा कि उनके खिलाफ दायर की गई चार्जशीट पर जल्दी फैसला लिया जाए। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि सानन यही बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी कर चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को ये भी कहा है कि कुछ अधिकारी उन्हें जानबूझकर तंग कर रहे हैं, जबकि उनका मुख्य सचिव बनने का कोई इरादा नहीं है।
हिमाचल के वरिष्ठतम आईएएस पी. मित्रा मुख्य सचिव पद से इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उनके बाद वरिष्ठता में आईएएस अधिकारी दीपक सानन ही हैं। सानन को सरकार ने लगभग तीन साल पहले एचपीसीए मामले में एक चार्जशीट दे रखी है। इस पर न तो इन्कवायरी की जा रही है और न ही इसे ड्राप किया जा रहा है। हालांकि, एचपीसीए मामले में दीपक सानन के खिलाफ दर्ज हुए विजिलेंस मामले में भारत सरकार ने अभियोजन मंजूरी नहीं दी थी।
इसी आधार पर सानन लगातार कह रहे हैं कि उनके खिलाफ चार्जशीट ड्राप कर दी जाए। अगर ड्राप नहीं की जाती तो इस पर कोई भी फैसला लिया जाए। इसे फिजूल में लटकाकर नहीं रखा जाए। इसी बारे में सानन लगातार आरटीआई के आवेदन भी कर रहे हैं। हाल में उन्होंने फिर से आरटीआई की दरख्वास्त सरकार को दी है और चार्जशीट के बारे में जानकारी मांगी है। वहीं, सानन ने पूछने पर माना कि चार्जशीट पर फैसला न होने पर आरटीआई आवेदन वे कई बार कर चुके हैं। इसका मुख्य सचिव के पद से कोई ताल्लुक नहीं है। उनकी इसमें कोई रुचि नहीं।