उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने शुक्रवार को गोवा में माल और सेवा कर परिषद की 37वीं बैठक में भाग लिया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में बिक्रम ने कहा कि हिमाचल पर्वतीय राज्य है और यहां की भौगोलिक स्थिति अन्य राज्यों से भिन्न हैं। साथ ही प्रदेश में सीमित संसाधन हैं और ज्यादा बड़े व्यापारिक केंद्र नहीं हैं। ऐसे में जीएसटी के एक मूल सिद्धांत के अनुसार बिजनेस टू कंज्यूमर की व्यवस्था में प्राप्ति का अधिकार बनता है।
इससे हिमाचल वंचित है। यहां बड़े व्यापार उद्योग न होने के कारण प्रदेश के लोग बड़ी मशीनरी, कॉमर्शियल और घरेलू वाहन, फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स की खरीद दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब से करते हैं। इससे प्रदेश के हिस्से में आने वाले जीएसटी का लाभ भी नहीं मिलता है। जीएसटी प्रणाली में सभी प्रकार का कर सभी खरीद पर होना चाहिए। प्रदेश को ये अधिकार नहीं मिल पा रहा है। इससे पहले उद्योग मंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को कुल्लू शॉल और कांगड़ा चाय भेंट की। बैठक में प्रधान सचिव आबकारी एवं कराधान संजय कुंडू और कराधान आयुक्त डॉ. अजय शर्मा मौजूद रहे।