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Shimla News: व्यापार मंडल के चुनाव पर इसी माह हो सकता है फैसला

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खत्म हो चुका है दोनों व्यापार मंडलों का एक साल पहले कार्यकाल, शहर में तीन हजार से ज्यादा हैं कारोबारी
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राजधानी में चल रहे हैं दो-दो व्यापर मंडल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के कारोबारियों के शिमला व्यापार मंडल के चुनाव करवाने पर मई में फैसला हो सकता है। मौजूदा व्यापार मंडल कार्यकारिणी और सक्रिय कारोबारियों की मई में बैठक बुलाकर चुनाव करवाने पर चर्चा होगी।

व्यापार मंडल के प्रधान हरजीत मंगा ने कहा कि इसी माह बैठक बुलाकर चुनाव करवाने पर फैसला होगा। मौजूदा समय में शहर के कारोबारी दो गुटों में बंटे हुए हैं। इसमें एक गुट के हरजीत मंगा और दूसरे गुट के संजीव ठाकुर प्रधान हैं। इन दोनों की अपनी कार्यकारिणी है। दोनों का कार्यकाल बीते साल खत्म हो चुका है। सितंबर 2021 में हरजीत मंगा को व्यापार मंडल का अध्यक्ष चुना गया था। हालांकि इसके तुरंत बाद कारोबारियों के दूसरे गुट ने समानांतर व्यापार मंडल बनाते हुए संजीव ठाकुर को इसका अध्यक्ष बना दिया था। अब दोनों के कार्यकाल पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक व्यापार मंडल के चुनाव करवाकर नई कार्यकारिणी को चुनने को लेकर दोनों गुटों में सहमति नहीं बन पाई है। प्रयास जरूर हुए लेकिन अभी तक यह कामयाब होते नजर नहीं आ रहे हैं।
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आम कारोबारी भी चाह रहे हैं कि व्यापार मंडल के चुनाव जल्द करवाए जाएं, उन्हें सशक्त व्यापार मंडल की नई कार्यकारिणी में ऐसे प्रतिनिधि मिले जो उनकी समस्याओं और मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार तथा विभाग के समक्ष उठा सके। मालरोड बिजनेस मैन एसोसिएशन, लक्कड़ बाजार कारोबारी संघ जैसी छोटे-छोटे बाजार के स्तर के संगठनों को भी अपनी समस्याओं को अपने स्तर पर सुलझाने के लिए सक्रिय होना पड़ रहा है। हालांकि व्यापार मंडल इकाईयां शिमला व्यापार मंडल का ही हिस्सा हैं। शिमला व्यापार मंडल में तीन हजार से अधिक कारोबारी सदस्य हैं। इसमें घणाहट्टी, ढली, संजौली, शोघी और पंथाघाटी के कारोबारी शामिल हैं। कारोबारी भी चाह रहे हैं कि लंबे समय से टलते जा रहे चुनाव जल्द हों।



मतदान से 12 साल पहले चुना था व्यापार मंडल
वर्ष 2014 में व्यापार मंडल शिमला के प्रत्यक्ष चुनाव हुए थे जिसको 12 साल का समय बीत चुका है। इसमें इंद्रजीत सिंह प्रधान चुने गए थे। इसके बाद 2021 में दो व्यापार मंडल बन गए थे। दोनों ही सर्वसम्मति से चुने जाने का दावा करते हैं।


चुनाव करवाने पर जल्द फैसला जरूरी
व्यापार मंडल हजारों कारोबारियों का संगठन है। कारोबारियों की कई तरह की समस्याएं पैदा हुई हैं। इन समस्याओं के निदान नहीं हो पा रहा है। नई ऊर्जा और शक्ति के साथ व्यापार मंडल की नई कार्यकारिणी का चुना जाना जरूरी है, जिससे कारोबारियों को उचित प्रतिनिधित्व मिले। चुनाव करवाने में होने वाली देरी से कारोबारियों में बिखराव की स्थिति बने, इससे पहले चुनाव पर निर्णय लिया जाना जरूरी हो गया है।
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-संजीव ठाकुर, अध्यक्ष व्यापार मंडल



समस्या हल करने में व्यापार मंडल नाकाम
शिमला व्यापार मंडल की कार्यकारिणी कारोबारियों के हक की आवाज उठाने, समस्याएं सुलझाने में नाकाम साबित हुआ है। कई बार चुनाव करवाने की मांग की है, इसके लिए बैठकें बुलाई जाती है, लेकिन इसमें चुनाव करवाने पर कोई फैसला नहीं होता। इसको लेकर आम कारोबारियों में रोष है । लोअर बाजार के कारोबारियों के हितों की अनदेखी हुई है। यदि जल्द चुनाव की तिथि घोषित नहीं होती, तो लोअर बाजार के कारोबारी अपना व्यापार मंडल बनाने की तैयारी है।

-पार्षद एवं व्यापार मंडल के पूर्व उपाध्यक्ष अश्वनी कुठियाला
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