योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में सरकार में शामिल ज्वालाजी से विधायक रमेश चंद धवाला ने गुरुवार को फिर अपनी ही सरकार को मुश्किल में डाल दिया। एक सवाल के जवाब पर धवाला ने आरोप लगाया कि विधानसभा के अंदर गलत सूचना दी जा रही है जबकि सूचना का अधिकार के तहत अलग सूचना मिल रही है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार और धवाला के बीच हल्की बहस भी हुई जिस पर विधानसभा अध्यक्ष को दखल देना पड़ा। इसी सत्र में कंडक्टर भर्ती को लेकर भी धवाला सरकार को घेर चुके हैं। दरअसल, धवाला ने सवाल किया कि आयुर्वेद विभाग में पार्ट टाइम वर्करों को नियमित करने को लेकर सरकार क्या कर रही है और कितने पद रिक्त हैं।
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इस पर आयुर्वेद मंत्री विपिन परमार ने जवाब दिया कि चतुर्थ श्रेणी के सभी पद भरे हुए हैं और नए पद सृजित करने को सरकार प्रयास कर रही है। इस पर धवाला ने कहा कि आरटीआई में बताया गया है कि 184 पद खाली हैं लेकिन विधानसभा के अंदर मंत्री बोल रहे हैं कि पद खाली नहीं हैं। मंत्री ने साफ किया कि आयुर्वेद विभाग ने एक प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री को भेजा है जिस पर वित्त विभाग की मंजूरी मिलने पर नए पद सृजित किए जाएंगे। उसके बाद सारी शर्तों को पूरा करने के बावजूद लंबे समय से नियमित होने का इंतजार कर रहे पार्ट टाइम वर्कर नियमित हो जाएंगे।
धवाला फिर बोलने को खड़े हुए लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक रामलाल को बोलने के लिए कह दिया। रामलाल ने कहा कि आयुर्वेद डिस्पेंसरी में दवा वितरित नहीं होती और वेतन पर खर्च हो रहा है। वहीं, राजेंद्र गर्ग ने कहा कि पंचकर्मा की ट्रेनिंग जिन कर्मियों को दी गई है, उन्हें पद सृजित कर नियुक्ति दी जाए ताकि लोगों को लाभ मिले। मंत्री ने कहा कि पंचकर्मा के काम को सही तरीके से कराने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।