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हिमाचल में बारिश का कहर जारी, मरने वालों की संख्या 27 पहुंची, 1088 सड़कें बंद

Tue, 20 Aug 2019 10:05 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश और भूस्खलन का कहर जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से चार और लोगों की मौत हो गई है। शिमला के नेरवा में बीती शाम शकराला नाले में नेपाल मूल के दो बच्चे बह गए। सोमवार को इनके शव बरामद हुए हैं।
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बारिश- भूस्खलन के कारण अवरुद्ध बिलासपुर-मंडी एनएच पर 26 घंटों से फंसे उत्तर प्रदेश के एक परिवार की ढाई माह की बच्ची की बस में ही मौत हो गई। दिहाड़ी लगाकर पेट पालने वाले इस परिवार के पास खाने तक के पैसे नहीं थे।

लोगों ने 3500 रुपये एकत्रित कर उन्हें यूपी भेजा। उधर, हमीरपुर की कुनाह खड्ड में बहे एक अधेड़ का शव बरामद हुआ है। इसके साथ ही बीते 48 घंटों में बारिश और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 27 हो गई है। भारी बारिश से कुल 626 करोड़ का नुकसान अभी तक हो चुका है।
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सोमवार को भले ही मौसम खुल गया, लेकिन दुश्वारियां अभी कम नहीं हुई हैं। सूबे में चार एनएच समेत 1088 सड़कें दूसरे दिन भी बंद रहीं। नदी-नाले अभी भी उफान पर हैं। हमीरपुर में पिछले एक साल से बंद निजी इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन ध्वस्त हो गया।
 

पेट्रोल पंप भी मलबे में दब गया

- फोटो : अमर उजाला
सिरमौर के शिलाई में एक पेट्रोल पंप भी मलबे में दब गया। हमीरपुर में स्कूल जा रहे एक बच्चा और तीन शिक्षक खड्ड में बह गए। कड़ी मशक्कत के बाद इन्हें बचाया गया। पांवटा साहिब की कौंच वैली में फंसे आठ लोगों को 36 घंटे बाद एनडीआरएफ ने निकाला।

ये लोग एक टापू में फंसे हुए थे। बारिश और भूस्खलन के चलते मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को रोक दिया गया है। भरमौर के हड़सर से डल झील तक 13 किलोमीटर का पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने और डल स्थित चतुर्मुखी शिवलिंग जलमग्न हो गया है।

उपायुक्त ने खराब मौसम को देखते हुए चंबा जिले के स्कूलों में मंगलवार को भी छुट्टी घोषित कर दी है। भारी बारिश से कई क्षेत्रों में सड़के पूरी तरह से तबाह हो गईं हैं। सड़कें बंद होने से कई जगह पर्यटक फंसे हुए हैं।

विभिन्न क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाएं ठप हो गई हैं। लाहौल के सिस्सू, कोकसर सहित अन्य जगहों पर सैकड़ों पर्यटक भी फंसे हुए हैं। औट-लूहरी एनएच बालीचौकी में, मटौर-शिमला जोलसप्पड़ और मैड़ में, कुल्लू-मनाली-लेह और चंबा-भरमौर एनएच भी बंद है।

दर्जनों मकान और गोशालाएं ध्वस्त

- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में सोमवार को भी दर्जनों मकान और गोशालाएं ध्वस्त हो गईं। उधर, बारिश के चलते सोमवार को प्रदेश में हवाई उड़ाने नहीं हुई। बिलासपुर-मंडी-कुल्लू एनएच और कालका-शिमला हेरिटेज रेल ट्रैक सोमवार को आवाजाही के लिए बहाल हो गए।

नूरपुर क्षेत्र में जब्बर खड्ड के बहाव से करीब 25 कनाल धान और मक्की के खेत पानी में पूरी तरह से जलमग्न हो गए। राजधानी शिमला में पेयजल पाइपें क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई हिस्सों में सोमवार को तीसरे दिन भी पानी की सप्लाई नहीं हुई।

हिमाचल में इतने दिन जारी रहेगा बारिश का दौर

- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 25 अगस्त तक हिमाचल में मौसम खराब बना रहने की संभावना जताई है। सोमवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री कम रिकॉर्ड हुआ। 

नीलकंठ में दो फीट बर्फबारी
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के नीलकंठ में सोमवार को दो फीट ताजा बर्फबारी हुई है। यहां हजारों भेड़-बकरियां फंस गई हैं। चंबा के कबायली क्षेत्र भरमौर और पांगी में दस सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। रविवार देर रात मणिमहेश के साथ लगती चोटियों व डल झील पर भी बर्फबारी हुई है। साच पास में भी बर्फबारी होने से चंबा-पांगी मार्ग वाया साच पास बाधित पड़ गया है।
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लारजी को छोड़ सभी बिजली परियोजनाओं में उत्पादन शुरू 

- फोटो : अमर उजाला
लारजी बिजली परियोजना को छोड़कर प्रदेश में सभी बिजली परियोजनाओं में सोमवार सुबह से उत्पादन शुरू हो गया। बिजली बोर्ड और परियोजना के कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत करते हुए एक दिन में भी बारिश से प्रभावित हुई व्यवस्थाओं को सुधार कर उत्पादन शुरू करवाया।

रविवार को बिजली परियोजनाएं बंद रहने पर हिमाचल ने सेंट्रल सेक्टर से 132 लाख यूनिट बिजली खरीदकर प्रदेश में बिजली सप्लाई सुचारु रखी। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों को भी बैंकिंग पर बिजली सप्लाई जारी रखी गई। इन दिनों पड़ोसी राज्यों को दी जा रही बिजली सप्लाई सर्दियों के मौसम में हिमाचल वापस लेगा।
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