इसके पीछे डीसी को एसपी के छुट्टी पर होने की जानकारी न होने से कानून-व्यवस्था संभालने में पेश आने वाली दिक्कतों को कारण बताया गया था। सूत्रों का कहना था कि इस आदेश के पीछे डीसी और एसपी के बीच तालमेल की कमी के बाद हुए कसौली कांड रहा है।
कसौली कांड के बाद जब जांच हुई और विवाद बढ़ा तो बात सामने आई कि डीसी को इसकी जानकारी ही नहीं थी कि एसपी छुट्टी पर हैं। चूंकि इस बात के सामने आने के बाद एसपी के बजाय उपायुक्त की गलती सामने आई कि एसपी को बैठक में बुलाया तक नहीं गया, इसलिए यह नई व्यवस्था कर दी गई।
विवादित आदेश के बाद आईपीएस संवर्ग में खासी नाराजगी हो गई थी। वहीं, मंगलवार को आईपीएस एसोसिएशन ने भी इस आदेश पर मंथन के लिए पुलिस मुख्यालय में बैठक बुलाई थी।इसी बीच मुख्यमंत्री ने अब पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त दोनों को ही एक-दूसरे को सूचना देने के आदेश जारी कर विवाद को खत्म करने का प्रयास किया है।