आप गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं तो पहले गाड़ी के लिए पार्किंग का बंदोबस्त कर लीजिये। न्यायालय के निर्देशों के बाद अब अगर आपके पास पार्किंग प्लेस है तभी परिवहन विभाग आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करेगा। उपायुक्त की मंजूरी (प्रमाण-पत्र) के बाद ही शहर में गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा। इस संबंध में न्यायालय की ओर से आदेश जारी किए हैं।
न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी नया वाहन जिसे नगर निगम शिमला की परिधि में चलाया जाना है उसका रजिस्ट्रेशन तब तक न किया जाए जब तक उपायुक्त शिमला की ओर से गाड़ी के लिए पार्किंग को लेकर प्रमाण पत्र जारी न कर दिया गया हो। न्यायालय ने आदेश जारी कर पार्किंग के निरीक्षण का जिम्मा संबंधित थाना प्रभारी को सौंपा है।
न्यायालय के आदेशों का होगा पालन
न्यायालय के आदेशों का पूरा पालन होगा। गाड़ियों के पंजीकरण की प्रक्रिया में न्यायालय के आदेशानुसार बदलाव किया जाएगा।
- संजय शर्मा अतिरिक्त निदेशक, परिवहन विभाग
रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल में भी यह नियम लाने की तैयारी
केंद्र सरकार नए रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल में इस बाबत नियम लाने की तैयारी कर रही है। बिल के नए नियम में किसी भी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के समय स्थानीय अथॉरिटी से पार्किंग की जगह का प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। इस नियम के लागू होने से जिन लोगों के पास पार्किंग की जगह नहीं होगी उन्हें कार खरीदने में दिक्कत हो सकती है।
उपायुक्त जारी करेंगे प्रमाण पत्र
शिमला शहर में वाहन के पंजीकरण के लिए लोगों को उपायुक्त शिमला से प्रमाण पत्र लेना होगा। गाड़ी खरीदने से पहले उपायुक्त से प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा। उपायुक्त संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी से पार्किंग का निरीक्षण करवाने के बाद प्रमाण पत्र जारी करेंगे। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर गाड़ी पंजीकृत होगी।
गाड़ियों की बढ़ रही संख्या पर लगेगी ब्रेक
वाहनों की संख्या में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद नई व्यवस्था लागू होने से ब्रेक लग सकती है। इन आदेश से शहर में पार्किंग की समस्या का समाधान होगा। अभी तक ऐसे लोग जिनके पास गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह नहीं है वो भी गाड़ियां खरीद रहे हैं और इन्हें सड़कों पर पार्क कर रहे हैं।