1984 के सिख दंगों के प्रभावित परमिंद्र सिंह के मामले में अल्पसंख्यक आयोग ने उपायुक्त और नगर परिषद कुल्लू के ईओ को दिल्ली तलब किया है। आयोग ने उपायुक्त और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को मामले की सुनवाई के लिए बुलाया है। 1984 के दंगों में हिंसा के दौरान में परमिंद्र सिंह की दुकान को आग लगा दी गई थी।
ढालपुर चौक के समीप प्लॉट नंबर आठ में नगर परिषद ने नई दुकानें बनाई, लेकिन उन्हें कांप्लेक्स में जगह नहीं दी गई। इसके बाद अल्पसंख्यक आयोग ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 90 दिन के भीतर परमिंद्र सिंह को उनकी भूमि वापस देने का आदेश दिया था। प्रशासन और नगर परिषद अब उक्त जगह को वापस देने के लिए टालमटोल कर रहा है। परमिंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन और नगर परिषद ने कार्रवाई से बचने के लिए मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।
उन्हें सोमवार रात को नौ बजे बुलाया और धोखे से एक कागज पर हस्ताक्षर लिए। जिसमें कहा गया है कि वह अपना केस वापस ले रहे हैं। उन्हें मानसिक तौर पर प्रशासन और नगर परिषद की ओर से अपनी ही जमीन वापस लेने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। मंगलवार को उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग को इसकी जानकारी दी। वर्ष 1964 में उन्होंने यह प्लॉट लीज पर 99 साल के लिए लिया था।